उत्तर प्रदेश की नदियां मानचित्र के साथ | Uttar Pradesh River Map

उत्तर प्रदेश की नदियां राज्य की जैव विविधता, कृषि, जल आपूर्ति और सांस्कृतिक धरोहर का अहम हिस्सा हैं। गंगा, यमुना, घाघरा, गोमती, रामगंगा, सोन और राप्ती जैसी प्रमुख नदियाँ इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और जनजीवन को प्रभावित करती हैं। उत्तर प्रदेश की नदियां न केवल सिंचाई और पेयजल का स्रोत हैं, बल्कि धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। इस लेख में हम उत्तर प्रदेश की प्रमुख नदियों, उनकी उत्पत्ति, प्रवाह मार्ग, सहायक नदियों और उनके महत्व की विस्तृत जानकारी प्रदान करेंगे।

उत्तर प्रदेश की नदियां | Uttar Pradesh River Map

Uttar Pradesh River Map: उत्तर प्रदेश की नदियों का विस्तृत मानचित्र जिसमें गंगा, यमुना, घाघरा, गोमती, सरयू, राप्ती आदि प्रमुख नदियाँ और प्रदेश के सभी जिलों की सीमाएँ स्पष्ट रूप से दर्शाई गई हैं।
यह इमेज उत्तर प्रदेश की सभी प्रमुख नदियों को उत्तर प्रदेश के जिला मानचित्र पर दर्शाती है .

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उत्तर प्रदेश की नदियों को हम उद्गम स्थल के आधार पर तीन भागों में बांट सकते हैं –

1- हिमालय से निकलने वाली नदियां – गंगा नदी, यमुना नदी, रामगंगा नदी, शारदा (काली), घाघरा (सरयू), राप्ती, गंडक, रोहिणी

2- प्रायद्वीपीय पठार से निकलने वाली नदियां- चंबल नदी, सिंध नदी, बेतवा नदी, केन नदी, टोंस नदी, सोन नदी, कर्मनाशा नदी, रिहंद नदी, कन्हार नदी

3- मैदानी क्षेत्र में स्थित किसी झील या दलदल से निकलने वाली नदियां – गोमती नदी, वरूणा, सई, पाण्डो, काली, ईसन

त्तर प्रदेश की नदियाँ – हिमालय, प्रायद्वीपीय पठार और मैदानी क्षेत्रों से निकलने वाली नदियों का इन्फोग्राफिक

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हिमालय से निकलने वाली उत्तर प्रदेश की नदियां

गंगा नदी

  • गंगा नदी उत्तर प्रदेश की ही नहीं अपितु पूरे भारत की सबसे पवित्र नदी है। लगभग सभी उत्तर प्रदेश की नदियां गंगा नदी प्रणाली का ही भाग है। 
  • गंगा नदी उत्तर प्रदेश की ही नहीं अपितु पूरे भारत की सबसे बड़ी नदी है। गंगा नदी की कुल लंबाई 2525 किलोमीटर है। उत्तर प्रदेश में इसकी लंबाई 1450 किलोमीटर है। 
  • गंगा नदी का उद्गम उत्तराखंड राज्य के उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री ग्लेशियर के गोमुख से होता है। यहां पर यह भागीरथी के नाम से जानी जाती है।
  • देवप्रयाग में जब भागीरथी नदी से अलकनंदा नदी आकर मिलती है तो इन दोनों नदियों की संयुक्त धारा गंगा नदी कहलाती है। 
  • गंगा नदी उत्तर प्रदेश में बिजनौर जिले से प्रवेश करती है तथा विभिन्न जिलों से प्रवाहित होते हुए बलिया जिले से निकलकर बिहार में प्रवेश कर जाती है। 
  • गंगा नदी उत्तर प्रदेश के कितने जिलों से बहती है? इस प्रश्न का उत्तर आपको अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग मिल सकता है। कुछ किताबों के अनुसार गंगा नदी उत्तर प्रदेश के 28 जिलों से होकर बहती है परंतु गूगल मैप के अनुसार गंगा नदी उत्तर प्रदेश के 27 जिलों से होकर बहती है। 
  •  गंगा नदी उत्तर प्रदेश के 27 जिलों से होकर बहती है ये जिले हैं– बिजनौर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, अमरोहा, हापुड़, बुलंदशहर, संभल, अलीगढ़, बदायूं, कासगंज, फर्रुखाबाद, शाहजहांपुर, हरदोई, कन्नौज, उन्नाव, कानपुर नगर, रायबरेली, फतेहपुर, प्रतापगढ़, कौशांबी, प्रयागराज, भदोही, मिर्जापुर, वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर और बलिया

Note- हमारे द्वारा प्रदान किए गए मानचित्र में आपको गंगा नदी शाहजहांपुर जिले में बहती हुई नहीं दिख रही है क्योंकि गंगा नदी की मुख्य धारा शाहजहांपुर जिले में नहीं बहती है। इस क्षेत्र में गंगा नदी दो भागों में बट जाती है जिसमें से एक धारा कुछ दूरी तक शाहजहांपुर जिले में बहती है और वापस गंगा नदी में मिल जाती है। 

  • उत्तर प्रदेश में गंगा नदी की सहायक नदियां हैं – यमुना नदी, काली नदी, टोंस नदी, सोन नदी, कर्मनाशा नदी, रामगंगा नदी, गोमती नदी, घाघरा नदी, गंडक नदी
  • गंगा नदी उत्तर प्रदेश में – कन्नौज में रामगंगा नदी से,प्रयागराज में यमुना नदी से,सिरसा में टोंस नदी से,गाजीपुर में गोमती नदी से मिलती है।
  • गंगा नदी के किनारे स्थित उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहर: कानपुर, वाराणसी, कन्नौज, उन्नाव, फर्रुखाबाद, प्रयागराज, गढ़मुक्तेश्वर, मिर्जापुर, मुगलसराय, बिजनौर, हस्तिनापुर, गाजीपुर, फतेहगढ़, बिठूर, सिरसा, आदि। 
  • वाराणसी गंगा नदी के बाएं तट पर तथा प्रयागराज और कानपुर गंगा नदी के दाएं तट पर स्थित शहर हैं। कानपुर गंगा नदी के दाएं तट पर स्थित सबसे बड़ा नगर है तथा वाराणसी गंगा नदी के बाएं तट पर स्थित सबसे बड़ा नगर है। 
  • गंगा नदी को प्रयागराज से हल्दिया तक राष्ट्रीय जलमार्ग-1 के रूप में प्रयोग किया जाता है। 

यमुना नदी

  • यमुना नदी का उद्गम उत्तराखंड राज्य के उत्तरकाशी जिले में  बंदरपूंछ पर्वत की पश्चिमी ढाल पर स्थित यमुनोत्री ग्लेशियर से होता है।
  • उत्तर प्रदेश मे यमुना नदी सहारनपुर जिले से प्रवेश करती है तथा विभिन्न जिलों में प्रवाहित होते हुए प्रयागराज में गंगा नदी से मिल जाती है। 
  • गंगा नदी के बाद उत्तर प्रदेश की नदियों में यमुना नदी दूसरी सबसे लंबी नदी है इसकी लंबाई 1376 किलोमीटर है। 
  •  यमुना नदी भारत भारत के 4 राज्यों  और एक केंद्र शासित प्रदेश – उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली तथा उत्तर प्रदेश से होकर बहती है। 
  • यमुना नदी उत्तर प्रदेश के 20 जिलों: सहारनपुर, शामली, बागपत, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, औरैया, जालौन, कानपुर देहात, कानपुर नगर, हमीरपुर, फतेहपुर, बांदा, चित्रकूट, कौशांबी और प्रयागराज से होकर बहती है। 
  • यमुना नदी उत्तर प्रदेश और हरियाणा राज्य के मध्य सीमा बनाती है। 
  • यमुना नदी की सहायक नदियां हैं:  साहिबी नदी, उटंगन (गंभीर) नदी, चंबल नदी, सिंध नदी, बेतवा नदी, केन नदी, टोंस नदी, हिंडन नदी आदि। 
  • यमुना नदी की सबसे लंबी / बड़ी सहायक नदी चंबल नदी है। हालांकि बहुत सी जगह टोंस नदी को यमुना नदी की सबसे बड़ी सहायक नदी बता दिया जाता है जो बिल्कुल ही गलत है। 
  • यमुना नदी गौतम बुद्ध नगर में हिंडन नदी से, इटावा और औरैया की सीमा पर चंबल नदी से, इटावा और जालौन की सीमा पर सिंध नदी से, हमीरपुर में बेतवा नदी से, बांदा से थोड़ी दूरी पर केन नदी से, प्रयागराज में गंगा नदी से मिलती है। 

रामगंगा नदी

  • रामगंगा नदी का उद्गम उत्तराखंड राज्य के पौड़ी गढ़वाल जिले में कुमाऊं हिमालय की दूधातोली श्रेणी से होता है। 
  • रामगंगा नदी की लंबाई 596 किलोमीटर है। यह बिजनौर जिले के कालागढ़ नामक स्थान से उत्तर प्रदेश में प्रवेश करती है। 
  • कालागढ़ में सिंचाई के लिए रामगंगा नदी पर एक कालागढ़ बांध का निर्माण किया गया है। 
  • कन्नौज के निकट रामगंगा नदी गंगा नदी से मिल जाती है। 
  • रामगंगा नदी उत्तर प्रदेश के बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, फर्रुखाबाद, हरदोई और कन्नौज जिलों में बहती है। 
  • रामगंगा नदी उत्तराखंड के जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क से होकर बहती है। 

घाघरा नदी (सरयू नदी) 

  • घाघरा नदी का उद्गम तिब्बत के पठार में स्थित ‘मापचांचुंगो’ (Mapchachungo) ग्लेशियर से होता है। अपने पूरे प्रवाह मार्ग में इस नदी को अलग-अलग स्थानों पर विभिन्न नामों से जाना जाता है। पर्वतीय प्रदेशों (तिब्बत और नेपाल) में इसे करनाली  या गिरवा कहा जाता है। गिरवा, करनाली की ही एक शाखा है।
  • यह नदी उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के शीशपानी नामक स्थान से भारत में प्रवेश करती है। नेपाल से उत्तर प्रदेश (मुख्यतः बहराइच और लखीमपुर खीरी) के मैदानी इलाकों में प्रवेश करने पर इसे कौरीयाला के नाम से जाना जाता है। आगे चलकर सीतापुर और बहराइच की सीमा पर स्थित ‘ब्रह्मघाट’ के पास इस कौरीयाला नदी में शारदा (काली) नदी आकर मिलती है। इन दोनों नदियों के संगम से बनने वाली संयुक्त विशाल जलधारा ही घाघरा कहलाती है। अपने निचले प्रवाह में पहुंचने पर, विशेषकर अयोध्या के पास, इसे सरयू नदी के नाम से पुकारा जाता है। प्रसिद्ध अयोध्या शहर इसी सरयू नदी के तट पर बसा हुआ है।
  • उत्तर प्रदेश में घाघरा नदी का अपवाह क्षेत्र काफी विस्तृत है। यह प्रदेश के बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, गोंडा, अयोध्या, बस्ती, अंबेडकर नगर, संत कबीर नगर, आजमगढ़, गोरखपुर, मऊ, देवरिया और बलिया जिलों से होकर बहती है। राप्ती नदी घाघरा की सबसे बड़ी सहायक नदी है, जो देवरिया और गोरखपुर जिलों की सीमा पर बरहज के पास इसमें आकर मिल जाती है। उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से प्रवाहित होने के बाद, अंत में यह नदी बिहार के छपरा में जाकर गंगा नदी में समाहित हो जाती है।

राप्ती नदी

  • राप्ती नदी का उद्गम स्थल नेपाल में लघु हिमालय श्रेणियों में धौलागिरी के दक्षिण में रुकुमकोट के पास स्थित है।
  • इसकी मुख्य सहायक नदी रोहिणी है जो गोरखपुर में राप्ती के बायीं ओर से मिलती है।
  • राप्ती नदी  बहराइच से उत्तर प्रदेश मे  प्रवेश करती है इसके बाद यह श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, संत कबीर नगर एवं गोरखपुर से बहती हुई देवरिया और गोरखपुर जिलों की सीमा पर बरहज के पास घाघरा नदी से मिल जाती है।  इसकी कुल लम्बाई 640 किमी. है।

शारदा नदी (काली) 

  • शारदा नदी का उद्गम कालापानी, पिथौरागढ़ (उत्तराखंड) में कुमाऊं हिमालय के मिलाम ग्लेशियर से होता है। प्रारंभ में से काली गंगा या गौरी गंगा के नाम से जाना जाता है। 
  • शारदा नदी पीलीभीत से उत्तर प्रदेश में प्रवेश करती है। कुछ दूरी तक यह उत्तर प्रदेश (पीलीभीत) और नेपाल की सीमा बनाती है। 
  • शारदा नदी उत्तर प्रदेश के पीलीभीत और लखीमपुर खीरी जिले में बहती है तथा यह सीतापुर के बहरामघाट (ब्रह्मघाट) के पास घाघरा नदी में मिल जाती है।

गण्डक नदी

  • गंडक नदी का उद्गम धौलागिरी पर्वत नेपाल से होता है। गंडक नदी को नेपाल में शालिग्राम तथा मैदानी भागों में नारायणी के नाम से भी जाना जाता है। इस नदी में शालिग्राम पत्थर भी पाए जाते हैं। 
  • गंडक नदी काली तथा त्रिशूली नदियों के संगम से बनती है। शिवालिक श्रेणी को यह त्रिवेणी नामक स्थान पर पर काटती है और नेपाल से निकलने के बाद उत्तर प्रदेश के महाराजगंज और कुशीनगर जिलों की बिहार के साथ  सीमा पर बहते हुए पटना के निकट गंगा नदी में मिल जाती है। 

मैदानी क्षेत्र से निकलने वाली उत्तर प्रदेश की नदियां

गोमती नदी

  • गोमती नदी का उद्गम उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के गोमत ताल (फुलहर झील) से होता है। 
  • पीलीभीत से यह शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, हरदोई, सीतापुर, लखनऊ, बाराबंकी, अयोध्या, अमेठी, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, जौनपुर, वाराणसी जिलों में बहती हुई वाराणसी जिले के कैथी नामक स्थान पर गंगा नदी से मिल जाती है। 
  • गंगा तथा गोमती नदी के संगम पर कैथी (वाराणसी) में मार्कण्डेय महादेव मंदिर स्थित है। 
  • उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और जौनपुर (पूर्व का शिराज) जैसे शहर गोमती नदी के किनारे स्थित है। 
  • कुकरैल व सई नदियां गोमती नदी की सहायक नदी है। 

सई नदी

  • सई नदी गोमती नदी की सबसे बड़ी सहायक नदी है जो हरदोई जिले के भिजवान झील से निकलती है और राजघाट, जौनपुर में गोमती से मिल जाती है। 
  • इसकी लंबाई 715 किलोमीटर है। सई नदी उत्तर प्रदेश के हरदोई, उन्नाव, लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, प्रतापगढ़ और जौनपुर जिलों में बहती है।

हिंडन नदी

हिंडन नदी यमुना नदी की एक सहायक नदी है जो ऊपरी शिवालिक की तलहटी से सहारनपुर जिले से निकलती है तथा गौतम बुद्ध नगर में यमुना नदी से मिल जाती है। 

प्रायद्वीपीय पठार से निकलने वाली उत्तर प्रदेश की नदियां

चंबल नदी (चर्मण्वती) 

  • चंबल नदी का उद्गम मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के मऊ गांव के समीप स्थित विंध्य पर्वत श्रृंखला की जानापाव पहाड़ी से होता है।
  • चंबल नदी यमुना नदी की सबसे लंबी सहायक नदी है यह नदी उत्तर प्रदेश के दो जिलों आगरा और इटावा में बहती हुई इटावा और औरैया जिलों की सीमा पर यमुना नदी से मिल जाती है। 
  • चंबल नदी कुछ दूरी तक उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा भी बनती है। 
  • चंबल नदी की अनियमितजलधारा ने नदी के निकटवर्ती क्षेत्रों में काफी गहरी अवनालिकाओं का निर्माण किया है जो की चंबल के बीहड़ों के नाम से प्रसिद्ध है। 
  • चंबल नदी की प्रमुख सहायक नदियां हैं: क्षिप्रा नदी, काली सिंध, पार्वती नदी, सिप नदी,  कुनो नदी, बनास नदी आदि।

सिंध नदी

  • सिंध नदी का उद्गम मालवा पठार में मध्य प्रदेश के विदिशा जिले की सिरोंज तहसील से होता है। 
  • सिंध नदी उत्तर प्रदेश में जालौन जिले से प्रवेश करती है और इटावा और जालौन की सीमा पर यमुना नदी से मिल जाती हैं।
  • सिंध नदी की प्रमुख सहायक नदियां माहौर, पाहुज, कुंवारी आदि हैं। 

बेतवा नदी 

  • बेतवा नदी का उद्गम विंध्य पर्वत श्रेणी में मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के कुमरा गांव से होता है। 
  • यमुना नदी की दाएं तट की एक सहायक नदी है। 
  • बेतवा नदी को वेदों में बेत्रावती नाम से जाना जाता था। 
  • बेतवा नदी उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले की मध्य प्रदेश के साथ और झांसी जिले के साथ सीमा निर्धारित करते हुए, झांसी, जालौन में बहते हुए हमीरपुर के निकट यमुना नदी में मिल जाती है। 
  • बेतवा नदी पर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा पर राजघाट बांध तथा माताटीला बांध स्थित है। 
  • बेतवा नदी की प्रमुख सहायक नदियां धसान, केवतन, बीना, हलाली, कालियासोत आदि हैं। 

केन नदी

  • केन नदी का उद्गम कटनी मध्य प्रदेश के निकट कैमूर पहाड़ियों से होता है। केन नदी को कर्णावती नाम से भी जाना जाता है। 
  • कैमूर पहाड़ियों से निकलकर यह बुंदेलखंड से गुजरती हुई बांदा में प्रवेश करती है और भोजहा (बांदा) के निकट यमुना नदी से मिल जाती है। 
  • केन नदी की सहायक नदियां सोनार, कोपरा, उर्मिला तथा कैल  आदि हैं। 

टोंस नदी

  • टोंस नदी का उद्गम मध्य प्रदेश के सतना जिले मे कैमूर श्रेणी में स्थित तमसा कुंड से होता है। 
  • यह गंगा नदी की एक सहायक नदी है जो सिरसा प्रयागराज में गंगा नदी से मिल जाती है। 
  • टोंस नदी की प्रमुख सहायक नदियां बेलन तथा बीहड़ नदी  है। 

कर्मनाशा नदी

  • कर्मनाशा नदी गंगा नदी की सहायक नदी है यह बिहार के कैमूर जिले में स्थित कैमूर श्रेणी से निकलती है। 
  • कर्मनाशा नदी उत्तर प्रदेश और बिहार की सीमा का निर्माण करती है तथा गाजीपुर जिले में उत्तर प्रदेश और बिहार की सीमा पर गंगा नदी से मिल जाती है। 

सोन नदी

  • सोन नदी गंगा नदी की दाएं ओर से मिलने वाली यमुना के बाद दूसरी सबसे बड़ी सहायक नदी है। 
  • सोन नदी का उद्गम छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में अमरकंटक पहाड़ी (मैकाल श्रेणी) के पास से होता है। उद्गम के पश्चात यह नदी छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार राज्य में बहते हुए पटना के पास गंगा नदी से मिल जाती है। 
  • सोन नदी उत्तर प्रदेश के एकमात्र जिले सोनभद्र में बहती है।
  • सोन नदी की प्रमुख सहायक नदियां गोपद, रिहंद, कन्हार, उत्तर कोइल नदी है। 
  • सोन नदी की सहायक रिहंद नदी पर उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में रिहंद बांध बनाया गया है। इस बांध के निर्माण से गोविंद बल्लभ पंत सागर नामक कृत्रिम झील बनी, जो भारत की सबसे बड़ी कृत्रिम झील है।

एक नज़र में: उत्तर प्रदेश की प्रमुख नदियां

आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से त्वरित रिवीजन के लिए नीचे दी गई तालिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसमें उत्तर प्रदेश की प्रमुख नदियों के उद्गम स्थल, उनका मुहाना (संगम) और उत्तर प्रदेश में उनके प्रवेश द्वार (जिले) को एक साथ दर्शाया गया है:

क्र.सं.नदी का नामउद्गम स्थल (Origin)संगम / मुहाना (कहाँ मिलती है)उत्तर प्रदेश में प्रवेश (जिला)
1.गंगा नदीगंगोत्री ग्लेशियर, गोमुख (उत्तराखंड)बंगाल की खाड़ीबिजनौर
2.यमुना नदीयमुनोत्री ग्लेशियर, बंदरपूंछ (उत्तराखंड)गंगा नदी (प्रयागराज)सहारनपुर
3.रामगंगा नदीदूधातोली श्रेणी (उत्तराखंड)गंगा नदी (कन्नौज)बिजनौर
4.घाघरा (सरयू)मापचांचुंगो ग्लेशियर (तिब्बत)गंगा नदी (छपरा, बिहार)बहराइच (कौरियाला के रूप में)
5.शारदा (काली)मिलाम ग्लेशियर / कालापानी (उत्तराखंड)घाघरा नदी (बहरामघाट, बाराबंकी)पीलीभीत
6.राप्ती नदीरुकुमकोट, धौलागिरी (नेपाल)घाघरा नदी (बरहज, देवरिया)बहराइच
7.गंडक नदीधौलागिरी पर्वत (नेपाल)गंगा नदी (पटना, बिहार)महाराजगंज / कुशीनगर सीमा
8.गोमती नदीगोमत ताल / फुलहर झील (मैदानी क्षेत्र)गंगा नदी (कैथी, वाराणसी)पीलीभीत (उद्गम स्थल)
9.सई नदीभिजवान झील (मैदानी क्षेत्र)गोमती नदी (राजघाट, जौनपुर)हरदोई (उद्गम स्थल)
10.हिंडन नदीऊपरी शिवालिक की तलहटीयमुना नदी (नोएडा)सहारनपुर (उद्गम स्थल)
11.चंबल नदीजानापाव पहाड़ी, मऊ (मध्य प्रदेश)यमुना नदी (इटावा-औरैया सीमा)आगरा
12.सिंध नदीसिरोंज, विदिशा (मध्य प्रदेश)यमुना नदी (इटावा-जालौन सीमा)जालौन
13.बेतवा नदीविंध्य पर्वत, रायसेन (मध्य प्रदेश)यमुना नदी (हमीरपुर)ललितपुर
14.केन नदीकैमूर पहाड़ी, कटनी (मध्य प्रदेश)यमुना नदी (भोजहा, बांदा)बांदा
15.टोंस नदीतमसा कुंड, सतना (मध्य प्रदेश)गंगा नदी (सिरसा, प्रयागराज)प्रयागराज
16.सोन नदीअमरकंटक पहाड़ी (मध्य प्रदेश/छत्तीसगढ़)गंगा नदी (पटना, बिहार)सोनभद्र
17.कर्मनाशा नदीकैमूर श्रेणी (बिहार)गंगा नदी (गाजीपुर सीमा पर)चंदौली / गाजीपुर सीमा

उत्तर प्रदेश की नदियां के किनारे स्थित प्रमुख शहर 

नदी शहर
गंगाकानपुर, वाराणसी, कन्नौज, उन्नाव, फर्रूखाबाद, प्रयागराज, गढ़मुक्तेश्वर,
मिर्जापुर, गाजीपुर, मुगलसराय, बिजनौर, अनूपशहर, हस्तिनापुर, बिठूर, फतेहगढ़, सिरसा
यमुनाआगरा, मथुरा, इटावा, वृन्दावन, कौशाम्बी, हमीरपुर, काल्पी, बटेश्वर, औरेया, प्रयागराज
गोमतीलखनऊ, जौनपुर, सीतापुर, सुल्तानपुर
घांघरा (सरयू)अयोध्या
राप्तीगोरखपुर
बेतवाहमीरपुर
मन्दाकिनीचित्रकूट
सोनसोनभद्र
हिंडनगाजियाबाद , नोएडा
रामगंगामुरादाबाद, रामपुर
सईप्रतापगढ़

उत्तर प्रदेश की नदियों पर स्थित प्रमुख बांध (Major Dams in UP)

परीक्षाओं की दृष्टि से उत्तर प्रदेश की प्रमुख नदियों पर स्थित बांधों की सूची नीचे दी गई है। अक्सर परीक्षाओं में मिलान वाले प्रश्नों में बांध और उनसे संबंधित नदी या जिले का नाम पूछा जाता है:

क्र.सं.बांध / बैराज का नामकिस नदी पर स्थित है?जिला (स्थान)परीक्षा उपयोगी विशेष तथ्य (Exam Points)
1.रिहंद बांधरिहंद नदी (सोन की सहायक)सोनभद्र (पिपरी)इसके जलाशय को ‘गोविंद बल्लभ पंत सागर’ कहते हैं, जो भारत की सबसे बड़ी कृत्रिम झील है।
2.राजघाट बांध (रानी लक्ष्मीबाई बांध)बेतवा नदीललितपुरयह उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की एक संयुक्त अंतर्राज्यीय परियोजना है।
3.माताटीला बांधबेतवा नदीललितपुरइसे 1958 में बनाया गया था, यह भी उ.प्र. और म.प्र. की संयुक्त परियोजना है।
4.परीक्षा बांधबेतवा नदीझाँसीइस बांध पर एक महत्वपूर्ण जलविद्युत गृह (Hydroelectric plant) स्थित है।
5.रामगंगा (कालागढ़) बांधरामगंगा नदीबिजनौर (कालागढ़)यह बांध कॉर्बेट नेशनल पार्क के निकट स्थित है।
6.मेजा बांधबेलन नदी (टोंस की सहायक)प्रयागराजयह एक मिट्टी का बांध (Earthen Dam) है जो अक्सर परीक्षाओं में पूछा जाता है।
7.अर्जुन बांधअर्जुन नदीमहोबामहोबा और हमीरपुर जिलों में सिंचाई का प्रमुख स्रोत।
8.शारदा सागर बांधशारदा नदीपीलीभीत / लखीमपुरउत्तर प्रदेश और नेपाल सीमा के निकट स्थित है।
9.गोकुल बैराजयमुना नदीमथुराइसका मुख्य उद्देश्य आगरा और मथुरा शहर को पेयजल उपलब्ध कराना है।
10.लवकुश बैराज (गंगा बैराज)गंगा नदीकानपुर नगरकानपुर शहर को निर्बाध पेयजल आपूर्ति प्रदान करने के लिए निर्मित।
11.सुकमा-डुकमा बांधबेतवा नदीझाँसीयह एक ऐतिहासिक बांध है, जिसका निर्माण ब्रिटिश काल में हुआ था।

 

आज की इस पोस्ट उत्तर प्रदेश की नदियां (Uttar Pradesh River Map) में हमने उत्तर प्रदेश में बहने बाली सभी प्रमुख नदियों और उनकी सहायक नदियों को मानचित्र के माध्यम से विस्तार से समझा।  इस से पहले हम उत्तर प्रदेश के सामान्य ज्ञान (UP gk) पर एक पोस्ट ला चुके हैं आप उसे भी पढ़ सकते हैं। यदि आपको उत्तर प्रदेश की नदियां पर हमारी यह पोस्ट पसंद आई है तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करें । यदि आप चाहते हैं कि मैं आपके राज्य की नदियों का भी इसी तरह मानचित्र  बनाऊ और एक पोस्ट लिखूं तो आप हमें कमेंट बॉक्स में बता सकते हैं। 

      

Nitin Tiwari
✍️ लेखक

Nitin Tiwari

नितिन तिवारी GKGSNotes.com के संस्थापक और मुख्य लेखक हैं। उन्होंने गणित में B.Sc. और भूगोल में M.A. की डिग्री प्राप्त की है तथा D.El.Ed (2017 बैच) भी किया है। इसके अलावा उन्हें 5 वर्षों का शिक्षण अनुभव भी है, जिससे वे छात्रों की जरूरतों और परीक्षा की चुनौतियों को गहराई से समझते हैं। उत्तर प्रदेश से संबंध रखने वाले नितिन जी को भूगोल, इतिहास और सामान्य ज्ञान विषयों में गहरी रुचि है। उनका लक्ष्य है कि हिंदी माध्यम के छात्रों को UPSC, UPPSC, SSC, UP Police जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उच्च गुणवत्ता की अध्ययन सामग्री बिल्कुल निःशुल्क मिले।

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