उत्तर प्रदेश की नदियां राज्य की जैव विविधता, कृषि, जल आपूर्ति और सांस्कृतिक धरोहर का अहम हिस्सा हैं। गंगा, यमुना, घाघरा, गोमती, रामगंगा, सोन और राप्ती जैसी प्रमुख नदियाँ इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और जनजीवन को प्रभावित करती हैं। उत्तर प्रदेश की नदियां न केवल सिंचाई और पेयजल का स्रोत हैं, बल्कि धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। इस लेख में हम उत्तर प्रदेश की प्रमुख नदियों, उनकी उत्पत्ति, प्रवाह मार्ग, सहायक नदियों और उनके महत्व की विस्तृत जानकारी प्रदान करेंगे।
उत्तर प्रदेश की नदियां एक नजर में
उत्तर प्रदेश की नदियों को परीक्षा की दृष्टि से पांच प्रमुख नदी बेसिनों में बांटकर याद रखना सबसे आसान है। ये बेसिन हैं गंगा, यमुना, रामगंगा, घाघरा और गोमती। नदी बेसिन का मतलब उस पूरे इलाके से है जिसका पानी आखिर में एक ही मुख्य नदी में पहुंचता है। इनमें गंगा और यमुना राज्य की सबसे बड़ी नदियां हैं।
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| पांच प्रमुख नदी बेसिन | गंगा, यमुना, रामगंगा, घाघरा और गोमती |
| उद्गम के आधार पर वर्ग | हिमालय से, प्रायद्वीपीय पठार से और मैदानी क्षेत्र से निकलने वाली नदियां |
| सबसे लंबी नदी | गंगा (उत्तर प्रदेश में लगभग 1450 किमी, कुल लंबाई 2525 किमी) |
| उत्तर प्रदेश में ही उद्गम और संगम वाली सबसे लंबी नदी | गोमती (लगभग 960 किमी) |
| गंगा का प्रवेश | बिजनौर जिले से। बलिया से निकलकर बिहार में चली जाती है |
| यमुना का प्रवेश | सहारनपुर जिले से। प्रयागराज में गंगा में मिल जाती है |
| सबसे बड़ी कृत्रिम झील | गोविंद बल्लभ पंत सागर (रिहंद बांध, सोनभद्र), जो भारत की सबसे बड़ी कृत्रिम झील भी है |
उत्तर प्रदेश की नदियां | Uttar Pradesh River Map

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उत्तर प्रदेश की नदियों को हम उद्गम स्थल के आधार पर तीन भागों में बांट सकते हैं –
1- हिमालय से निकलने वाली नदियां – गंगा नदी, यमुना नदी, रामगंगा नदी, शारदा (काली), घाघरा (सरयू), राप्ती, गंडक, रोहिणी
2- प्रायद्वीपीय पठार से निकलने वाली नदियां- चंबल नदी, सिंध नदी, बेतवा नदी, केन नदी, टोंस नदी, सोन नदी, कर्मनाशा नदी, रिहंद नदी, कन्हार नदी
3- मैदानी क्षेत्र में स्थित किसी झील या दलदल से निकलने वाली नदियां – गोमती नदी, वरूणा, सई, पाण्डो, काली, ईसन
हिमालय से निकलने वाली नदियों को बर्फ पिघलने और बारिश, दोनों से पानी मिलता है, इसलिए इनमें पूरे साल पानी रहता है। ऐसी नदियों को सदावाहिनी कहते हैं। प्रायद्वीपीय पठार की नदियां मुख्य रूप से बारिश पर निर्भर होती हैं, इसलिए गर्मियों में इनका पानी काफी घट जाता है। मैदानी क्षेत्र की नदियां किसी झील, दलदल या भूजल के रिसाव से निकलती हैं और आमतौर पर छोटी होती हैं।

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हिमालय से निकलने वाली उत्तर प्रदेश की नदियां
गंगा नदी
- गंगा नदी उत्तर प्रदेश की ही नहीं अपितु पूरे भारत की सबसे पवित्र नदी है। लगभग सभी उत्तर प्रदेश की नदियां गंगा नदी प्रणाली का ही भाग है।
- गंगा नदी उत्तर प्रदेश की ही नहीं अपितु पूरे भारत की सबसे बड़ी नदी है। गंगा नदी की कुल लंबाई 2525 किलोमीटर है। उत्तर प्रदेश में इसकी लंबाई 1450 किलोमीटर है।
- गंगा नदी का उद्गम उत्तराखंड राज्य के उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री ग्लेशियर के गोमुख से होता है। यहां पर यह भागीरथी के नाम से जानी जाती है।
- देवप्रयाग में जब भागीरथी नदी से अलकनंदा नदी आकर मिलती है तो इन दोनों नदियों की संयुक्त धारा गंगा नदी कहलाती है।
- गंगा नदी उत्तर प्रदेश में बिजनौर जिले से प्रवेश करती है तथा विभिन्न जिलों से प्रवाहित होते हुए बलिया जिले से निकलकर बिहार में प्रवेश कर जाती है।
- गंगा नदी उत्तर प्रदेश के कितने जिलों से बहती है? इस प्रश्न का उत्तर आपको अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग मिल सकता है। कुछ किताबों के अनुसार गंगा नदी उत्तर प्रदेश के 28 जिलों से होकर बहती है परंतु गूगल मैप के अनुसार गंगा नदी उत्तर प्रदेश के 27 जिलों से होकर बहती है।
- गंगा नदी उत्तर प्रदेश के 27 जिलों से होकर बहती है ये जिले हैं– बिजनौर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, अमरोहा, हापुड़, बुलंदशहर, संभल, अलीगढ़, बदायूं, कासगंज, फर्रुखाबाद, शाहजहांपुर, हरदोई, कन्नौज, उन्नाव, कानपुर नगर, रायबरेली, फतेहपुर, प्रतापगढ़, कौशांबी, प्रयागराज, भदोही, मिर्जापुर, वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर और बलिया
Note- हमारे द्वारा प्रदान किए गए मानचित्र में आपको गंगा नदी शाहजहांपुर जिले में बहती हुई नहीं दिख रही है क्योंकि गंगा नदी की मुख्य धारा शाहजहांपुर जिले में नहीं बहती है। इस क्षेत्र में गंगा नदी दो भागों में बट जाती है जिसमें से एक धारा कुछ दूरी तक शाहजहांपुर जिले में बहती है और वापस गंगा नदी में मिल जाती है।
- उत्तर प्रदेश में गंगा नदी की सहायक नदियां हैं – यमुना नदी, काली नदी, टोंस नदी, सोन नदी, कर्मनाशा नदी, रामगंगा नदी, गोमती नदी, घाघरा नदी, गंडक नदी। इनमें से घाघरा, गंडक और सोन गंगा से बिहार में मिलती हैं, जबकि कर्मनाशा उत्तर प्रदेश और बिहार की सीमा पर मिलती है।
- गंगा नदी उत्तर प्रदेश में – कन्नौज में रामगंगा नदी से, प्रयागराज में यमुना नदी से, सिरसा में टोंस नदी से, कैथी (वाराणसी और गाजीपुर की सीमा के पास) में गोमती नदी से मिलती है।
- गंगा नदी के किनारे स्थित उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहर: कानपुर, वाराणसी, कन्नौज, उन्नाव, फर्रुखाबाद, प्रयागराज, गढ़मुक्तेश्वर, मिर्जापुर, मुगलसराय, बिजनौर, हस्तिनापुर, गाजीपुर, फतेहगढ़, बिठूर, सिरसा, आदि।
- वाराणसी गंगा नदी के बाएं तट पर तथा प्रयागराज और कानपुर गंगा नदी के दाएं तट पर स्थित शहर हैं। कानपुर गंगा नदी के दाएं तट पर स्थित सबसे बड़ा नगर है तथा वाराणसी गंगा नदी के बाएं तट पर स्थित सबसे बड़ा नगर है।
- गंगा नदी को प्रयागराज से हल्दिया तक राष्ट्रीय जलमार्ग-1 के रूप में प्रयोग किया जाता है।
यमुना नदी
- यमुना नदी का उद्गम उत्तराखंड राज्य के उत्तरकाशी जिले में बंदरपूंछ पर्वत की पश्चिमी ढाल पर स्थित यमुनोत्री ग्लेशियर से होता है।
- उत्तर प्रदेश मे यमुना नदी सहारनपुर जिले से प्रवेश करती है तथा विभिन्न जिलों में प्रवाहित होते हुए प्रयागराज में गंगा नदी से मिल जाती है।
- गंगा नदी के बाद उत्तर प्रदेश की नदियों में यमुना नदी दूसरी सबसे लंबी नदी है, इसकी कुल लंबाई 1376 किलोमीटर है।
- यमुना नदी भारत के 4 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश – उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली तथा उत्तर प्रदेश से होकर बहती है।
- यमुना नदी उत्तर प्रदेश के कितने जिलों से बहती है? इसका उत्तर है 20 जिले। यमुना नदी उत्तर प्रदेश के 20 जिलों: सहारनपुर, शामली, बागपत, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, औरैया, जालौन, कानपुर देहात, कानपुर नगर, हमीरपुर, फतेहपुर, बांदा, चित्रकूट, कौशांबी और प्रयागराज से होकर बहती है।
- यमुना नदी उत्तर प्रदेश और हरियाणा राज्य के मध्य सीमा बनाती है।
- यमुना नदी की सहायक नदियां हैं: साहिबी नदी, उटंगन (गंभीर) नदी, चंबल नदी, सिंध नदी, बेतवा नदी, केन नदी, टोंस नदी, हिंडन नदी आदि।
- यमुना नदी की सबसे लंबी सहायक नदी चंबल नदी है, जिसकी लंबाई लगभग 960 किलोमीटर है। कई किताबों में टोंस नदी को यमुना की सबसे बड़ी सहायक नदी बताया जाता है। इसका कारण यह है कि उत्तराखंड की टोंस नदी कालसी के पास यमुना में मिलती है, और वहां उसमें यमुना से भी ज्यादा पानी होता है। यानी पानी की मात्रा में टोंस आगे है, जबकि लंबाई और जल ग्रहण क्षेत्र में चंबल सबसे बड़ी है।
- ध्यान रहे कि टोंस नाम की दो अलग नदियां हैं। यमुना में मिलने वाली टोंस उत्तराखंड की नदी है। गंगा में प्रयागराज के पास सिरसा में मिलने वाली टोंस (तमसा) मध्य प्रदेश से आने वाली दूसरी नदी है, जिसके बारे में हम आगे पढ़ेंगे।
- यमुना नदी गौतम बुद्ध नगर में हिंडन नदी से, इटावा और औरैया की सीमा पर चंबल नदी से, इटावा और जालौन की सीमा पर सिंध नदी से, हमीरपुर में बेतवा नदी से, बांदा जिले में चिल्ला घाट (परीक्षाओं में भोजहा, बांदा भी लिखा जाता है) के पास केन नदी से, प्रयागराज में गंगा नदी से मिलती है।
रामगंगा नदी
- रामगंगा नदी का उद्गम उत्तराखंड राज्य के पौड़ी गढ़वाल जिले में कुमाऊं हिमालय की दूधातोली श्रेणी से होता है।
- रामगंगा नदी की लंबाई 596 किलोमीटर है। यह बिजनौर जिले के कालागढ़ नामक स्थान से उत्तर प्रदेश में प्रवेश करती है।
- कालागढ़ में सिंचाई और बिजली के लिए रामगंगा नदी पर कालागढ़ बांध (रामगंगा बांध) बनाया गया है। यह बांध उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में, बिजनौर की सीमा के पास जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क के भीतर है। इसका पानी उत्तर प्रदेश के बिजनौर, मुरादाबाद और अमरोहा जैसे जिलों की सिंचाई के काम आता है।
- कन्नौज के निकट रामगंगा नदी गंगा नदी से मिल जाती है।
- रामगंगा नदी उत्तर प्रदेश के बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, फर्रुखाबाद, हरदोई और कन्नौज जिलों में बहती है।
- रामगंगा नदी उत्तराखंड के जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क से होकर बहती है। आजादी के बाद 1950 के दशक में कुछ साल इस पार्क का नाम रामगंगा नेशनल पार्क भी रहा।
घाघरा नदी (सरयू नदी)
- घाघरा नदी का उद्गम तिब्बत के पठार में स्थित ‘मापचांचुंगो’ (Mapchachungo) ग्लेशियर से होता है। अपने पूरे प्रवाह मार्ग में इस नदी को अलग-अलग स्थानों पर विभिन्न नामों से जाना जाता है। पर्वतीय प्रदेशों (तिब्बत और नेपाल) में इसे करनाली या गिरवा कहा जाता है। गिरवा, करनाली की ही एक शाखा है।
- यह नदी उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के शीशपानी नामक स्थान से भारत में प्रवेश करती है। नेपाल से उत्तर प्रदेश (मुख्यतः बहराइच और लखीमपुर खीरी) के मैदानी इलाकों में प्रवेश करने पर इसे कौरीयाला के नाम से जाना जाता है। आगे चलकर सीतापुर और बहराइच की सीमा पर स्थित ‘ब्रह्मघाट’ के पास इस कौरीयाला नदी में शारदा (काली) नदी आकर मिलती है। इन दोनों नदियों के संगम से बनने वाली संयुक्त विशाल जलधारा ही घाघरा कहलाती है। अपने निचले प्रवाह में पहुंचने पर, विशेषकर अयोध्या के पास, इसे सरयू नदी के नाम से पुकारा जाता है। प्रसिद्ध अयोध्या शहर इसी सरयू नदी के तट पर बसा हुआ है।
- उत्तर प्रदेश में घाघरा नदी का अपवाह क्षेत्र काफी विस्तृत है। यह प्रदेश के बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, गोंडा, अयोध्या, बस्ती, अंबेडकर नगर, संत कबीर नगर, आजमगढ़, गोरखपुर, मऊ, देवरिया और बलिया जिलों से होकर बहती है। राप्ती नदी घाघरा की सबसे बड़ी सहायक नदी है, जो देवरिया और गोरखपुर जिलों की सीमा पर बरहज के पास इसमें आकर मिल जाती है। उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से प्रवाहित होने के बाद, अंत में यह नदी बिहार के छपरा में जाकर गंगा नदी में समाहित हो जाती है।
घाघरा के इन अलग-अलग नामों को याद रखने के लिए नीचे की तालिका देखिए। इसमें नदी के बहाव की दिशा में नामों का क्रम दिया है।
| नदी का हिस्सा | कहलाती है |
|---|---|
| तिब्बत और नेपाल में | करनाली (एक शाखा गिरवा) |
| उत्तर प्रदेश में प्रवेश के बाद (बहराइच, लखीमपुर खीरी) | कौरीयाला |
| शारदा से संगम के बाद, ब्रह्मघाट (बहराइच और सीतापुर की सीमा) के आगे | घाघरा |
| अयोध्या के आसपास | सरयू |
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में भी एक सरयू नदी है, जो पंचेश्वर में शारदा (काली) नदी में मिलती है। अयोध्या वाली सरयू यह नदी नहीं है, बल्कि घाघरा का ही निचला रूप है। दोनों का संबंध बस इतना है कि उत्तराखंड की सरयू शारदा में मिलती है और शारदा आगे चलकर घाघरा में मिल जाती है। इसीलिए सरयू नदी का नक्शा देखना हो तो घाघरा का मार्ग देखना चाहिए।
राप्ती नदी
- राप्ती नदी का उद्गम स्थल नेपाल में लघु हिमालय श्रेणियों में धौलागिरी के दक्षिण में रुकुमकोट के पास स्थित है।
- इसकी मुख्य सहायक नदी रोहिणी है जो गोरखपुर में राप्ती के बायीं ओर से मिलती है।
- राप्ती नदी बहराइच से उत्तर प्रदेश मे प्रवेश करती है इसके बाद यह श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, संत कबीर नगर एवं गोरखपुर से बहती हुई देवरिया और गोरखपुर जिलों की सीमा पर बरहज के पास घाघरा नदी से मिल जाती है। इसकी कुल लम्बाई 640 किमी. है।
शारदा नदी (काली)
- शारदा नदी का उद्गम कालापानी, पिथौरागढ़ (उत्तराखंड) में कुमाऊं हिमालय के मिलाम ग्लेशियर से होता है। प्रारंभ में से काली गंगा या गौरी गंगा के नाम से जाना जाता है।
- शारदा नदी पीलीभीत से उत्तर प्रदेश में प्रवेश करती है। कुछ दूरी तक यह उत्तर प्रदेश (पीलीभीत) और नेपाल की सीमा बनाती है।
- शारदा नदी उत्तर प्रदेश के पीलीभीत और लखीमपुर खीरी जिले में बहती है तथा यह सीतापुर और बहराइच की सीमा पर ब्रह्मघाट के पास घाघरा नदी में मिल जाती है।
गण्डक नदी
- गंडक नदी का उद्गम धौलागिरी पर्वत नेपाल से होता है। गंडक नदी को नेपाल में शालिग्राम तथा मैदानी भागों में नारायणी के नाम से भी जाना जाता है। इस नदी में शालिग्राम पत्थर भी पाए जाते हैं।
- गंडक नदी काली तथा त्रिशूली नदियों के संगम से बनती है। शिवालिक श्रेणी को यह त्रिवेणी नामक स्थान पर पर काटती है और नेपाल से निकलने के बाद उत्तर प्रदेश के महाराजगंज और कुशीनगर जिलों की बिहार के साथ सीमा पर बहते हुए पटना के निकट गंगा नदी में मिल जाती है।
मैदानी क्षेत्र से निकलने वाली उत्तर प्रदेश की नदियां
गोमती नदी
- गोमती नदी का उद्गम उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के गोमत ताल (फुलहर झील) से होता है।
- गोमती नदी की कुल लंबाई लगभग 960 किलोमीटर है (कुछ स्रोतों में 940 किमी भी मिलती है)। यह पूरी तरह उत्तर प्रदेश के भीतर बहने वाली नदी है, यानी उद्गम से संगम तक इसका पूरा रास्ता इसी राज्य में है।
- पीलीभीत से यह शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, हरदोई, सीतापुर, लखनऊ, बाराबंकी, अयोध्या, अमेठी, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, जौनपुर, वाराणसी जिलों में बहती हुई वाराणसी जिले के कैथी नामक स्थान पर गंगा से मिल जाती है। यह जगह गाजीपुर की सीमा के पास है, इसीलिए कई जगह संगम गाजीपुर में भी लिखा मिलता है।
- गंगा तथा गोमती नदी के संगम पर कैथी (वाराणसी) में मार्कण्डेय महादेव मंदिर स्थित है।
- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और जौनपुर (पूर्व का शिराज) जैसे शहर गोमती नदी के किनारे स्थित है।
- कुकरैल व सई नदियां गोमती नदी की सहायक नदी है।
सई नदी
- सई नदी गोमती नदी की सबसे बड़ी सहायक नदी है जो हरदोई जिले के भिजवान झील से निकलती है और राजघाट, जौनपुर में गोमती से मिल जाती है।
- इसकी लंबाई 715 किलोमीटर है। सई नदी उत्तर प्रदेश के हरदोई, उन्नाव, लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, प्रतापगढ़ और जौनपुर जिलों में बहती है।
हिंडन नदी
हिंडन नदी यमुना नदी की एक सहायक नदी है जो ऊपरी शिवालिक की तलहटी से सहारनपुर जिले से निकलती है तथा गौतम बुद्ध नगर में यमुना नदी से मिल जाती है।
वरुणा नदी
वरुणा गंगा की एक छोटी सहायक नदी है, जो प्रयागराज जिले के फूलपुर के पास से निकलती है। यह वाराणसी जिले में सराय मोहाना के पास गंगा से मिल जाती है। वाराणसी शहर का नाम वरुणा और असी नामक दो नदियों के नाम से मिलकर बना माना जाता है। असी वाराणसी शहर के भीतर गंगा में मिलने वाली एक बहुत छोटी नदी है, और इसी के नाम पर प्रसिद्ध असी घाट है।
प्रायद्वीपीय पठार से निकलने वाली उत्तर प्रदेश की नदियां
चंबल नदी (चर्मण्वती)
- चंबल नदी का उद्गम मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के मऊ गांव के समीप स्थित विंध्य पर्वत श्रृंखला की जानापाव पहाड़ी से होता है।
- चंबल नदी यमुना नदी की सबसे लंबी सहायक नदी है यह नदी उत्तर प्रदेश के दो जिलों आगरा और इटावा में बहती हुई इटावा और औरैया जिलों की सीमा पर यमुना नदी से मिल जाती है।
- चंबल नदी कुछ दूरी तक उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा भी बनती है।
- चंबल नदी की अनियमितजलधारा ने नदी के निकटवर्ती क्षेत्रों में काफी गहरी अवनालिकाओं का निर्माण किया है जो की चंबल के बीहड़ों के नाम से प्रसिद्ध है।
- चंबल नदी की प्रमुख सहायक नदियां हैं: क्षिप्रा नदी, काली सिंध, पार्वती नदी, सिप नदी, कुनो नदी, बनास नदी आदि।
सिंध नदी
- सिंध नदी का उद्गम मालवा पठार में मध्य प्रदेश के विदिशा जिले की सिरोंज तहसील से होता है।
- सिंध नदी उत्तर प्रदेश में जालौन जिले से प्रवेश करती है और इटावा और जालौन की सीमा पर यमुना नदी से मिल जाती हैं।
- सिंध नदी की प्रमुख सहायक नदियां माहौर, पाहुज, कुंवारी आदि हैं।
बेतवा नदी
- बेतवा नदी का उद्गम विंध्य पर्वत श्रेणी में मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के कुमरा गांव से होता है।
- यमुना नदी की दाएं तट की एक सहायक नदी है।
- बेतवा नदी को वेदों में बेत्रावती नाम से जाना जाता था।
- बेतवा नदी उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले की मध्य प्रदेश के साथ और झांसी जिले के साथ सीमा निर्धारित करते हुए, झांसी, जालौन में बहते हुए हमीरपुर के निकट यमुना नदी में मिल जाती है।
- बेतवा नदी पर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा पर राजघाट बांध तथा माताटीला बांध स्थित है।
- बेतवा नदी की प्रमुख सहायक नदियां धसान, केवतन, बीना, हलाली, कालियासोत आदि हैं।
केन नदी
- केन नदी का उद्गम कटनी मध्य प्रदेश के निकट कैमूर पहाड़ियों से होता है। केन नदी को कर्णावती नाम से भी जाना जाता है।
- कैमूर पहाड़ियों से निकलकर यह बुंदेलखंड से गुजरती हुई बांदा में प्रवेश करती है और बांदा जिले में चिल्ला घाट (परीक्षाओं में भोजहा, बांदा भी लिखा जाता है) के निकट यमुना नदी से मिल जाती है।
- केन नदी की सहायक नदियां सोनार, कोपरा, उर्मिला तथा कैल आदि हैं।
टोंस नदी
- टोंस नदी का उद्गम मध्य प्रदेश के सतना जिले मे कैमूर श्रेणी में स्थित तमसा कुंड से होता है। इसे तमसा नदी भी कहते हैं।
- यह गंगा नदी की एक सहायक नदी है जो सिरसा प्रयागराज में गंगा नदी से मिल जाती है। यह उत्तराखंड की उस टोंस नदी से अलग है जो यमुना में मिलती है।
- टोंस नदी की प्रमुख सहायक नदियां बेलन तथा बीहड़ नदी है।
कर्मनाशा नदी
- कर्मनाशा नदी गंगा नदी की सहायक नदी है यह बिहार के कैमूर जिले में स्थित कैमूर श्रेणी से निकलती है।
- कर्मनाशा नदी उत्तर प्रदेश और बिहार की सीमा का निर्माण करती है तथा गाजीपुर जिले में उत्तर प्रदेश और बिहार की सीमा पर गंगा नदी से मिल जाती है।
सोन नदी
- सोन नदी गंगा नदी की दाएं ओर से मिलने वाली यमुना के बाद दूसरी सबसे बड़ी सहायक नदी है।
- सोन नदी का उद्गम छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में अमरकंटक पहाड़ी (मैकाल श्रेणी) के पास से होता है। उद्गम के पश्चात यह नदी छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार राज्य में बहते हुए पटना के पास गंगा नदी से मिल जाती है।
- सोन नदी उत्तर प्रदेश के एकमात्र जिले सोनभद्र में बहती है।
- सोन नदी की प्रमुख सहायक नदियां गोपद, रिहंद, कन्हार, उत्तर कोइल नदी है।
- सोन नदी की सहायक रिहंद नदी पर उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में रिहंद बांध बनाया गया है। इस बांध के निर्माण से गोविंद बल्लभ पंत सागर नामक कृत्रिम झील बनी, जो भारत की सबसे बड़ी कृत्रिम झील है।
उत्तर प्रदेश की प्रमुख नदियां कितने जिलों से बहती हैं?
परीक्षा में अक्सर पूछा जाता है कि कोई नदी उत्तर प्रदेश के कितने जिलों से होकर बहती है। नीचे की तालिका में प्रमुख नदियों के जिलों की संख्या उन्हीं जिलों की सूची से गिनकर दी गई है जो हमने ऊपर अपने मानचित्र के आधार पर बताई हैं। अलग-अलग किताबों में इसमें एक-दो जिलों का अंतर मिल सकता है।
| नदी | जिलों की संख्या | उत्तर प्रदेश में प्रवेश या उद्गम का जिला |
|---|---|---|
| गंगा | 27 | बिजनौर (प्रवेश) |
| यमुना | 20 | सहारनपुर (प्रवेश) |
| घाघरा (सरयू) | 14 | बहराइच (प्रवेश) |
| गोमती | 13 | पीलीभीत (उद्गम) |
| रामगंगा | 9 | बिजनौर (प्रवेश) |
| राप्ती | 7 | बहराइच (प्रवेश) |
| सई | 7 | हरदोई (उद्गम) |
| बेतवा | 4 | ललितपुर (प्रवेश) |
| शारदा | 2 | पीलीभीत (प्रवेश) |
| चंबल | 2 | आगरा (प्रवेश) |
| सोन | 1 | सोनभद्र |
एक नज़र में: उत्तर प्रदेश की प्रमुख नदियां
आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से त्वरित रिवीजन के लिए नीचे दी गई तालिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसमें उत्तर प्रदेश की प्रमुख नदियों के उद्गम स्थल, उनका मुहाना (संगम) और उत्तर प्रदेश में उनके प्रवेश द्वार (जिले) को एक साथ दर्शाया गया है:
| क्र.सं. | नदी का नाम | उद्गम स्थल (Origin) | संगम / मुहाना (कहाँ मिलती है) | उत्तर प्रदेश में प्रवेश (जिला) |
|---|---|---|---|---|
| 1. | गंगा नदी | गंगोत्री ग्लेशियर, गोमुख (उत्तराखंड) | बंगाल की खाड़ी | बिजनौर |
| 2. | यमुना नदी | यमुनोत्री ग्लेशियर, बंदरपूंछ (उत्तराखंड) | गंगा नदी (प्रयागराज) | सहारनपुर |
| 3. | रामगंगा नदी | दूधातोली श्रेणी (उत्तराखंड) | गंगा नदी (कन्नौज) | बिजनौर |
| 4. | घाघरा (सरयू) | मापचांचुंगो ग्लेशियर (तिब्बत) | गंगा नदी (छपरा, बिहार) | बहराइच (कौरियाला के रूप में) |
| 5. | शारदा (काली) | मिलाम ग्लेशियर / कालापानी (उत्तराखंड) | घाघरा नदी (ब्रह्मघाट, बहराइच-सीतापुर सीमा) | पीलीभीत |
| 6. | राप्ती नदी | रुकुमकोट, धौलागिरी (नेपाल) | घाघरा नदी (बरहज, देवरिया) | बहराइच |
| 7. | गंडक नदी | धौलागिरी पर्वत (नेपाल) | गंगा नदी (पटना, बिहार) | महाराजगंज / कुशीनगर सीमा |
| 8. | गोमती नदी | गोमत ताल / फुलहर झील (मैदानी क्षेत्र) | गंगा नदी (कैथी, वाराणसी-गाजीपुर सीमा के पास) | पीलीभीत (उद्गम स्थल) |
| 9. | सई नदी | भिजवान झील (मैदानी क्षेत्र) | गोमती नदी (राजघाट, जौनपुर) | हरदोई (उद्गम स्थल) |
| 10. | हिंडन नदी | ऊपरी शिवालिक की तलहटी | यमुना नदी (नोएडा) | सहारनपुर (उद्गम स्थल) |
| 11. | चंबल नदी | जानापाव पहाड़ी, मऊ (मध्य प्रदेश) | यमुना नदी (इटावा-औरैया सीमा) | आगरा |
| 12. | सिंध नदी | सिरोंज, विदिशा (मध्य प्रदेश) | यमुना नदी (इटावा-जालौन सीमा) | जालौन |
| 13. | बेतवा नदी | विंध्य पर्वत, रायसेन (मध्य प्रदेश) | यमुना नदी (हमीरपुर) | ललितपुर |
| 14. | केन नदी | कैमूर पहाड़ी, कटनी (मध्य प्रदेश) | यमुना नदी (चिल्ला घाट / भोजहा, बांदा) | बांदा |
| 15. | टोंस नदी | तमसा कुंड, सतना (मध्य प्रदेश) | गंगा नदी (सिरसा, प्रयागराज) | प्रयागराज |
| 16. | सोन नदी | अमरकंटक पहाड़ी (मध्य प्रदेश/छत्तीसगढ़) | गंगा नदी (पटना, बिहार) | सोनभद्र |
| 17. | कर्मनाशा नदी | कैमूर श्रेणी (बिहार) | गंगा नदी (गाजीपुर सीमा पर) | चंदौली / गाजीपुर सीमा |
उत्तर प्रदेश की नदियां के किनारे स्थित प्रमुख शहर
| नदी | शहर |
|---|---|
| गंगा | कानपुर, वाराणसी, कन्नौज, उन्नाव, फर्रूखाबाद, प्रयागराज, गढ़मुक्तेश्वर, मिर्जापुर, गाजीपुर, मुगलसराय, बिजनौर, अनूपशहर, हस्तिनापुर, बिठूर, फतेहगढ़, सिरसा |
| यमुना | आगरा, मथुरा, इटावा, वृन्दावन, कौशाम्बी, हमीरपुर, काल्पी, बटेश्वर, औरेया, प्रयागराज |
| गोमती | लखनऊ, जौनपुर, सीतापुर, सुल्तानपुर |
| घांघरा (सरयू) | अयोध्या |
| राप्ती | गोरखपुर, बलरामपुर |
| बेतवा | हमीरपुर |
| मन्दाकिनी | चित्रकूट |
| सोन | सोनभद्र |
| हिंडन | गाजियाबाद , नोएडा |
| रामगंगा | मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, बदायूं |
| सई | प्रतापगढ़ |
| वरुणा | वाराणसी |
उत्तर प्रदेश की नदियों पर स्थित प्रमुख बांध (Major Dams in UP)
परीक्षाओं की दृष्टि से उत्तर प्रदेश की प्रमुख नदियों पर स्थित बांधों की सूची नीचे दी गई है। अक्सर परीक्षाओं में मिलान वाले प्रश्नों में बांध और उनसे संबंधित नदी या जिले का नाम पूछा जाता है। बांध पानी को रोकने वाली दीवार होती है, जबकि बैराज ऐसा ढांचा होता है जो नदी के पानी को नहरों में मोड़ता है और जरूरत के हिसाब से पानी छोड़ता भी है।
| क्र.सं. | बांध / बैराज का नाम | किस नदी पर स्थित है? | जिला (स्थान) | परीक्षा उपयोगी विशेष तथ्य (Exam Points) |
|---|---|---|---|---|
| 1. | रिहंद बांध | रिहंद नदी (सोन की सहायक) | सोनभद्र (पिपरी) | इसके जलाशय को ‘गोविंद बल्लभ पंत सागर’ कहते हैं, जो भारत की सबसे बड़ी कृत्रिम झील है। |
| 2. | राजघाट बांध (रानी लक्ष्मीबाई बांध) | बेतवा नदी | ललितपुर | यह उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की एक संयुक्त अंतर्राज्यीय परियोजना है। |
| 3. | माताटीला बांध | बेतवा नदी | ललितपुर | इसे 1958 में बनाया गया था, यह भी उ.प्र. और म.प्र. की संयुक्त परियोजना है। |
| 4. | परीछा (परीक्षा) बांध | बेतवा नदी | झाँसी | ब्रिटिश काल में बना बांध। इसके जलाशय के पानी से परीछा ताप विद्युत गृह चलता है। |
| 5. | रामगंगा (कालागढ़) बांध | रामगंगा नदी | पौड़ी गढ़वाल (उत्तराखंड), कालागढ़ | यह बांध जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क के भीतर है, पर इसका पानी उत्तर प्रदेश के बिजनौर, मुरादाबाद जैसे जिलों की सिंचाई में काम आता है। |
| 6. | मेजा बांध | बेलन नदी (टोंस की सहायक) | प्रयागराज | यह एक मिट्टी का बांध (Earthen Dam) है जो अक्सर परीक्षाओं में पूछा जाता है। |
| 7. | अर्जुन बांध | अर्जुन नदी | महोबा | महोबा और हमीरपुर जिलों में सिंचाई का प्रमुख स्रोत। |
| 8. | शारदा सागर बांध | शारदा नदी | पीलीभीत / लखीमपुर | उत्तर प्रदेश और नेपाल सीमा के निकट स्थित है। |
| 9. | गोकुल बैराज | यमुना नदी | मथुरा | इसका मुख्य उद्देश्य आगरा और मथुरा शहर को पेयजल उपलब्ध कराना है। |
| 10. | लवकुश बैराज (गंगा बैराज) | गंगा नदी | कानपुर नगर | कानपुर शहर को निर्बाध पेयजल आपूर्ति प्रदान करने के लिए निर्मित। |
| 11. | सुकमा-डुकमा बांध (धुकवान बांध) | बेतवा नदी | झाँसी | यह एक ऐतिहासिक बांध है, जिसका निर्माण ब्रिटिश काल में 1905 से 1909 के बीच हुआ था। इसे अंतरराष्ट्रीय सिंचाई एवं जल निकासी आयोग (ICID) ने विश्व धरोहर सिंचाई संरचना का दर्जा दिया है। |
| 12. | नरौरा बैराज | गंगा नदी | बुलंदशहर (नरौरा) | यहां से निचली गंगा नहर निकलती है। |
उत्तर प्रदेश की नदियों से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
उत्तर प्रदेश की प्रमुख नदियों के नाम क्या हैं?
उत्तर प्रदेश की प्रमुख नदियां गंगा, यमुना, रामगंगा, घाघरा (सरयू), शारदा, राप्ती, गंडक, गोमती, सई, हिंडन, चंबल, सिंध, बेतवा, केन, टोंस, सोन और कर्मनाशा हैं।
उत्तर प्रदेश की सबसे लंबी नदी कौन सी है?
उत्तर प्रदेश की सबसे लंबी नदी गंगा है, जिसकी उत्तर प्रदेश में लंबाई लगभग 1450 किलोमीटर है। जिस नदी का उद्गम और संगम दोनों उत्तर प्रदेश में हैं, उनमें सबसे लंबी गोमती है, जो लगभग 960 किलोमीटर लंबी है।
गंगा नदी उत्तर प्रदेश के कितने जिलों से बहती है और किस जिले से प्रवेश करती है?
गंगा नदी बिजनौर जिले से उत्तर प्रदेश में प्रवेश करती है और बलिया जिले से निकलकर बिहार में चली जाती है। हमारे मानचित्र के अनुसार यह उत्तर प्रदेश के 27 जिलों से होकर बहती है, हालांकि कुछ किताबों में यह संख्या 28 बताई जाती है।
यमुना नदी उत्तर प्रदेश के कितने जिलों से बहती है और कहां से प्रवेश करती है?
यमुना नदी सहारनपुर जिले से उत्तर प्रदेश में प्रवेश करती है और 20 जिलों से होकर बहते हुए प्रयागराज में गंगा नदी में मिल जाती है।
घाघरा और सरयू क्या एक ही नदी हैं?
हां, अयोध्या वाली सरयू घाघरा नदी का ही निचला रूप है। शारदा नदी से संगम के बाद बनी धारा घाघरा कहलाती है और अयोध्या के आसपास इसे सरयू कहा जाता है। उत्तराखंड के बागेश्वर जिले की सरयू नदी अलग है, जो पंचेश्वर में शारदा नदी में मिलती है।
गोमती नदी कहां से निकलती है और कहां मिलती है?
गोमती नदी पीलीभीत जिले के गोमत ताल (फुलहर झील) से निकलती है और लगभग 960 किलोमीटर बहकर वाराणसी जिले के कैथी नामक स्थान पर, गाजीपुर की सीमा के पास, गंगा नदी में मिल जाती है। लखनऊ और जौनपुर इसी के किनारे बसे हैं।
उत्तर प्रदेश की कौन सी नदियां हिमालय से निकलती हैं?
गंगा, यमुना, रामगंगा, शारदा (काली), घाघरा (सरयू), राप्ती, गंडक और रोहिणी नदियां हिमालय से निकलती हैं। इनमें पूरे साल पानी रहता है, इसलिए इन्हें सदावाहिनी कहा जाता है।
प्रायद्वीपीय पठार से निकलने वाली उत्तर प्रदेश की नदियां कौन सी हैं?
चंबल, सिंध, बेतवा, केन, टोंस, सोन, कर्मनाशा, रिहंद और कन्हार नदियां प्रायद्वीपीय पठार से निकलती हैं। ये मुख्य रूप से बारिश पर निर्भर रहती हैं।
उत्तर प्रदेश की कौन सी नदियां पूरी तरह राज्य के भीतर बहती हैं?
गोमती, सई और वरुणा जैसी नदियां उत्तर प्रदेश के भीतर ही उद्गम से संगम तक बहती हैं। ये तीनों मैदानी क्षेत्र की नदियां हैं और गंगा नदी तंत्र का हिस्सा हैं।
यमुना की सबसे बड़ी सहायक नदी कौन सी है?
लंबाई और जल ग्रहण क्षेत्र के हिसाब से यमुना की सबसे बड़ी सहायक नदी चंबल है, जिसकी लंबाई लगभग 960 किलोमीटर है। पानी की मात्रा के हिसाब से उत्तराखंड की टोंस नदी आगे है, इसलिए कुछ किताबों में उसे सबसे बड़ी बताया जाता है।
उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी कृत्रिम झील कौन सी है?
सोनभद्र जिले में रिहंद नदी पर बने रिहंद बांध के पीछे बनी गोविंद बल्लभ पंत सागर झील उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी कृत्रिम झील है। इसे भारत की सबसे बड़ी कृत्रिम झील भी माना जाता है।
रामगंगा नदी कहां से निकलती है?
रामगंगा नदी उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में दूधातोली श्रेणी से निकलती है। यह बिजनौर जिले के कालागढ़ से उत्तर प्रदेश में प्रवेश करती है और कन्नौज के निकट गंगा नदी में मिल जाती है।
उत्तर प्रदेश की नदियों का नक्शा और PDF कहां से डाउनलोड करें?
उत्तर प्रदेश की नदियों का जिलेवार नक्शा इसी पोस्ट में ऊपर दिया गया है। इसे बड़े आकार में देखने के लिए मानचित्र पर क्लिक करें, और HD मैप तथा PDF के लिए मानचित्र के नीचे दिए गए डाउनलोड बटनों का उपयोग करें।
आज की इस पोस्ट उत्तर प्रदेश की नदियां (Uttar Pradesh River Map) में हमने उत्तर प्रदेश में बहने वाली सभी प्रमुख नदियों और उनकी सहायक नदियों को मानचित्र के माध्यम से विस्तार से समझा। इस से पहले हम उत्तर प्रदेश के सामान्य ज्ञान (UP gk) पर एक पोस्ट ला चुके हैं आप उसे भी पढ़ सकते हैं। गंगा नदी के पूरे तंत्र को विस्तार से समझने के लिए गंगा नदी तंत्र वाली पोस्ट देखें, और दूसरे राज्यों के नक्शे मानचित्र पेज पर मिल जाएंगे। यदि आपको उत्तर प्रदेश की नदियां पर हमारी यह पोस्ट पसंद आई है तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करें । यदि आप चाहते हैं कि मैं आपके राज्य की नदियों का भी इसी तरह मानचित्र बनाऊ और एक पोस्ट लिखूं तो आप हमें कमेंट बॉक्स में बता सकते हैं।
स्रोत और संदर्भ
इस पोस्ट के तथ्य इन स्रोतों से मिलाकर देखे गए हैं: भारत जल संसाधन सूचना प्रणाली (India-WRIS), जल शक्ति मंत्रालय के गंगा और यमुना नदी तंत्र के पृष्ठ; उत्तर प्रदेश सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग (रामगंगा बांध); और झांसी जिला प्रशासन (सुकमा-डुकमा बांध)।
The rivers have been depicted very well, it was very nice to see the map. Thanks for this map 👍.
Thank you!
Thank you very much bhai for this….
May god bless you..!!!!
Thank you for your appreciation
I’ve no words for your outstanding work 🙏