राज्यसभा सीटों की संख्या 2026 | राज्यवार लिस्ट व अनुच्छेद 80

भारत में राज्यसभा सीटों की संख्या वर्तमान में 245 है। इनमें से 233 सदस्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से निर्वाचित होते हैं, जबकि 12 सदस्यों को राष्ट्रपति मनोनीत करते हैं। संविधान के अनुच्छेद 80 के अनुसार यह संख्या अधिकतम 250 तक हो सकती है — और यही वह अंतर है जहाँ अधिकांश अभ्यर्थी भ्रमित हो जाते हैं। इस लेख में हम अनुच्छेद 80 के प्रावधान, सीटों के आवंटन का आधार, हर राज्य की राज्यवार सूची, मानचित्र और परीक्षा में पूछे गए प्रश्न-उत्तर विस्तार से समझेंगे।

भारत में राज्यसभा सीटों की संख्या 2026 — कुल 245 सीटों का इन्फोग्राफिक

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राज्यसभा का संक्षिप्त परिचय

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 79 के अनुसार, संसद के तीन अंग होते हैं- राष्ट्रपति, लोकसभा और राज्यसभा। राज्यसभा भारतीय संसद का ‘उच्च सदन’ और द्वितीय सदन है। यह एक ‘स्थायी सदन’ है, जिसे कभी भंग नहीं किया जा सकता। इसे ‘राज्यों की परिषद’ के नाम से भी जाना जाता है।

इसका मुख्य कार्य संघीय स्तर पर भारत के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करना है। आपको बता दें कि राज्यसभा का गठन पहली बार 3 अप्रैल 1952 को हुआ था और इसकी पहली बैठक 13 मई 1952 को आयोजित की गई थी। भारत के उपराष्ट्रपति राज्यसभा के पदेन सभापति होते हैं, जो इसकी कार्यवाही का संचालन करते हैं।

भारतीय संविधान में राज्यसभा सीटों की संख्या से संबंधित प्रावधान

  • भारतीय संविधान के अनुच्छेद 80 में राज्यसभा की संरचना का उल्लेख है।
  • अनुच्छेद 80 के अनुसार राज्यसभा में अधिकतम सदस्य संख्या 250 हो सकती है।
  • अनुच्छेद 80 के अनुसार राज्यों एवं संघ शासित प्रदेशों से अधिकतम 238 सदस्य निर्वाचित होंगे जबकि राष्ट्रपति के द्वारा 12 सदस्य मनोनीत किए जाएंगे।
  • हालांकि वर्तमान में राज्यसभा में सीटों की संख्या 245 है जिनमें से 233 सीटों पर सदस्य निर्वाचित होते हैं और 12 सीटों पर सदस्यों को राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत किया जाता है। 233 निर्वाचित सदस्यों में से 225 सदस्य राज्यों से और 8 सदस्य केंद्र शासित प्रदेशों से निर्वाचित होते हैं। इन 8 सदस्यों में से 3 सदस्य दिल्ली से, 1 सदस्य पुडुचेरी से और 4 सदस्य जम्मू-कश्मीर से निर्वाचित होते हैं।

245 और 250 में क्या अंतर है?

यह इस पूरे टॉपिक का सबसे भ्रमित करने वाला बिंदु है, इसलिए इसे अलग से समझ लीजिए:

  • 250 संविधान द्वारा तय की गई अधिकतम सीमा है — यानी राज्यसभा की सदस्य संख्या इससे ऊपर कभी नहीं जा सकती। इसमें संशोधन करने के लिए संविधान संशोधन करना पड़ेगा।
  • 245 संविधान की चौथी अनुसूची में वास्तव में आवंटित सीटों का योग है। यह संख्या नए राज्यों के गठन या पुनर्गठन के साथ बदलती रहती है — इसके लिए संविधान संशोधन की आवश्यकता नहीं होती।
  • अतः प्रश्न ध्यान से पढ़िए — “अधिकतम कितने सदस्य हो सकते हैं” का उत्तर 250 है, जबकि “वर्तमान में कितने सदस्य हैं” का उत्तर 245 है। इसी तरह “अधिकतम कितने निर्वाचित हो सकते हैं” का उत्तर 238 और “वर्तमान में कितने निर्वाचित होते हैं” का उत्तर 233 है।

Note- ध्यातव्य है कि सभी केंद्र शासित प्रदेशों (Union Territories) को राज्यसभा में प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया है। 7वें संविधान संशोधन अधिनियम 1956 के द्वारा यह प्रावधान किया गया है कि राज्यसभा में संघ राज्य क्षेत्रों के प्रतिनिधि ऐसी रीति से चुने जाएंगे जो संसद विधि द्वारा निश्चित करे। संसद ने इस शक्ति का प्रयोग करते हुए दिल्ली को 3, पुडुचेरी को 1 और जम्मू-कश्मीर को 4 सीटें आवंटित की हैं। शेष केंद्र शासित प्रदेशों को राज्यसभा में फिलहाल कोई प्रतिनिधित्व प्राप्त नहीं है।

परीक्षा उपयोगी तथ्य- जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम 2019 के बाद जम्मू-कश्मीर एक राज्य से केंद्र शासित प्रदेश बन गया, किंतु उसकी राज्यसभा सीटों की संख्या 4 ही बनी रही। इसीलिए आज जम्मू-कश्मीर इकलौता ऐसा केंद्र शासित प्रदेश है जिसे 4 सीटें प्राप्त हैं।

  • अनुच्छेद 80(3) में यह स्पष्ट उल्लेखित है कि साहित्य, विज्ञान, कला एवं समाज सेवा में विशेष ज्ञान अथवा व्यावहारिक अनुभव रखने वाले व्यक्तियों को राष्ट्रपति राज्यसभा में मनोनीत करेंगे।

Note- राष्ट्रपति द्वारा राज्यसभा में 12 सदस्यों को मनोनीत करना राष्ट्रपति का स्वविवेक नहीं है, बल्कि राष्ट्रपति मंत्रिपरिषद की सलाह पर इन 12 सदस्यों को मनोनीत करते हैं। यह मामला गृह मंत्रालय के अधीन आता है।

मनोनीत सदस्यों के कुछ प्रसिद्ध उदाहरण

अनुच्छेद 80(3) के तहत मनोनीत किए गए कुछ चर्चित नाम, जो परीक्षाओं में अक्सर पूछे जाते हैं:

  • लता मंगेशकर — संगीत के क्षेत्र में योगदान हेतु
  • सचिन तेंदुलकर — खेल के क्षेत्र से मनोनीत होने वाले प्रथम खिलाड़ी
  • पी. टी. उषा — एथलेटिक्स के क्षेत्र से
  • इलैयाराजा — संगीत के क्षेत्र से
  • रेखा — सिनेमा एवं कला के क्षेत्र से

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राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों में राज्यसभा सीटों का आवंटन

राज्यसभा में प्रत्येक राज्य से कितने सदस्य होंगे, इसके लिए अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया आदि में प्रचलित समान प्रतिनिधित्व के सिद्धांत (प्रत्येक राज्य को समान सीटें) को नहीं अपनाया गया है, बल्कि राज्य विशेष की जनसंख्या को आधार बनाया गया है। यह व्यवस्था की गई है कि किसी राज्य की जनसंख्या के पहले 50 लाख व्यक्तियों तक हर 10 लाख व्यक्तियों पर एक सदस्य तथा उसके बाद प्रति 20 लाख व्यक्तियों पर राज्यसभा में एक सदस्य होगा।

उदाहरण के लिए मान लीजिए A एक राज्य है जिसकी जनसंख्या 1 करोड़ 70 लाख है। तो उसे जनसंख्या के पहले 50 लाख व्यक्तियों तक प्रत्येक 10 लाख व्यक्तियों पर एक सीट, अर्थात 5 सीटें प्राप्त होंगी। बचे हुए 1 करोड़ 20 लाख व्यक्तियों के लिए प्रत्येक 20 लाख व्यक्तियों पर एक सीट प्राप्त होगी, यानी उसे 6 सीटें और प्राप्त होंगी। इस प्रकार राज्य A में कुल 11 राज्यसभा सीटें होंगी।

संविधान की चौथी अनुसूची में सभी राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को राज्यसभा में आवंटित की गई सीटों की सूची दी गई है। आधिकारिक जानकारी के लिए आप राज्यसभा की आधिकारिक वेबसाइट भी देख सकते हैं।

राज्यों में राज्यसभा सीटों की संख्या की लिस्ट

  1. उत्तर प्रदेश में राज्यसभा सीटों की संख्या सर्वाधिक 31 है।
  2. दूसरे स्थान पर महाराष्ट्र में राज्यसभा सीटों की संख्या 19 है।
  3. तीसरे स्थान पर तमिलनाडु में राज्यसभा सीटों की संख्या 18 है।
  4. चौथे स्थान पर पश्चिम बंगाल और बिहार में राज्यसभा सीटों की संख्या 16-16 है।
  5. असम को छोड़कर शेष सातों उत्तर-पूर्वी राज्यों (मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा, सिक्किम एवं अरुणाचल प्रदेश) के पास राज्यसभा की 1-1 सीट है, जबकि असम के पास 7 सीटें हैं। इसी प्रकार गोवा के पास भी केवल 1 सीट है।
  6. केंद्र शासित प्रदेशों में सिर्फ दिल्ली, पुडुचेरी और जम्मू-कश्मीर को राज्यसभा में सीटें आवंटित की गई हैं, जिनमें से दिल्ली को 3, पुडुचेरी को 1 और जम्मू-कश्मीर को 4 सीटें आवंटित की गई हैं।
भारत के राज्यों में राज्यसभा सीटों की संख्या दर्शाता मानचित्र — उत्तर प्रदेश 31, महाराष्ट्र 19, असम 7
संविधान की चौथी अनुसूची के अनुसार राज्यवार राज्यसभा सीटों का वितरण (कुल 233 निर्वाचित सीटें)

 

भारतीय संविधान की चौथी अनुसूची के अनुसार राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में राज्यसभा सीटों की संख्या की सूची इस प्रकार है-

राज्य / केंद्र शासित प्रदेशराज्यसभा सीटों की संख्या
उत्तर प्रदेश31
महाराष्ट्र19
तमिलनाडु18
पश्चिम बंगाल16
बिहार16
कर्नाटक12
मध्य प्रदेश11
आंध्र प्रदेश11
गुजरात11
ओडिशा10
राजस्थान10
केरल9
असम7
पंजाब7
तेलंगाना7
झारखंड6
छत्तीसगढ़5
हरियाणा5
जम्मू-कश्मीर (UT)4
हिमाचल प्रदेश3
उत्तराखंड3
दिल्ली (UT)3
अरुणाचल प्रदेश1
गोवा1
मणिपुर1
मेघालय1
मिजोरम1
नागालैंड1
सिक्किम1
त्रिपुरा1
पुडुचेरी (UT)1
कुल निर्वाचित सीटें233
राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत12
कुल सदस्य संख्या245

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परीक्षा की दृष्टि से राज्यसभा से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण तथ्य

  • सदस्यों की अर्हता या योग्यता (अनुच्छेद 84): राज्यसभा का सदस्य निर्वाचित होने के लिए व्यक्ति का भारत का नागरिक होना और उसकी आयु कम से कम 30 वर्ष होना अनिवार्य है। इसके अलावा, उम्मीदवार को चुनाव आयोग द्वारा अधिकृत व्यक्ति के समक्ष संविधान की तीसरी अनुसूची के तहत शपथ लेनी होती है। साथ ही, उसे संसद द्वारा बनाए गए ‘जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951’ के तहत निर्धारित अन्य सभी योग्यताओं को भी पूरा करना आवश्यक है।
  • कार्यकाल और पुनर्चुनाव (अनुच्छेद 83): राज्यसभा एक स्थायी सदन है, जिसका विघटन कभी नहीं होता। हालाँकि, राज्यसभा के प्रत्येक सदस्य का कार्यकाल 6 वर्ष का होता है। इसके एक-तिहाई (1/3) सदस्य हर दूसरे साल (2 वर्ष की समाप्ति पर) सेवानिवृत्त हो जाते हैं और उन खाली हुई सीटों पर नए सिरे से चुनाव होते हैं। ध्यातव्य है कि सेवानिवृत्त होने वाले सदस्य कितनी भी बार दोबारा चुने जाने (पुनर्निर्वाचित होने) के योग्य होते हैं।
  • चुनाव प्रक्रिया (अप्रत्यक्ष चुनाव): राज्यसभा सदस्यों का चुनाव सीधे जनता द्वारा नहीं किया जाता, बल्कि यह एक अप्रत्यक्ष चुनाव है। सदस्यों का चुनाव संबंधित राज्य की विधानसभा के केवल ‘निर्वाचित विधायकों’ द्वारा किया जाता है (मनोनीत सदस्य इसमें भाग नहीं लेते)। यह चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली और एकल संक्रमणीय मत के आधार पर होता है। क्रॉस-वोटिंग रोकने के लिए 2003 के बाद से राज्यसभा चुनावों में ‘खुले मतदान’ की व्यवस्था अपनाई गई है।
  • राज्यसभा की विशेष शक्तियां (विशेषाधिकार): संविधान ने राज्यसभा को कुछ ऐसी विशेष शक्तियां प्रदान की हैं जो लोकसभा के पास भी नहीं हैं:
    1. अनुच्छेद 249: यदि राज्यसभा अपने उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के दो-तिहाई (2/3) विशेष बहुमत से यह प्रस्ताव पारित कर दे कि राष्ट्रीय हित में ऐसा करना आवश्यक है, तो संसद ‘राज्य सूची’ के किसी भी विषय पर पूरे देश या किसी भाग के लिए कानून बना सकती है।
    2. अनुच्छेद 312: राज्यसभा अपने उपस्थित और मतदान करने वाले दो-तिहाई (2/3) सदस्यों के समर्थन से नई ‘अखिल भारतीय सेवाओं’ (जैसे- IAS, IPS, IFS) के सृजन का एकाधिकार रखती है।
    3. अनुच्छेद 67(b): भारत के उपराष्ट्रपति (जो राज्यसभा के पदेन सभापति होते हैं) को उनके पद से हटाने का प्रस्ताव केवल और केवल राज्यसभा में ही पेश किया जा सकता है, लोकसभा में नहीं।

राज्यसभा और लोकसभा में अंतर (तुलनात्मक तालिका)

परीक्षा में दोनों सदनों की तुलना पर आधारित प्रश्न बहुत पूछे जाते हैं। नीचे दी गई तालिका से यह अंतर एक नज़र में स्पष्ट हो जाएगा:

आधारराज्यसभा (उच्च सदन)लोकसभा (निम्न सदन)
अधिकतम सदस्य संख्या250550
वर्तमान सदस्य संख्या245543
सदस्य का कार्यकाल6 वर्ष5 वर्ष
सदन का विघटनकभी नहीं (स्थायी सदन)हो सकता है
चुनाव प्रणालीअप्रत्यक्ष (विधायकों द्वारा)प्रत्यक्ष (जनता द्वारा)
न्यूनतम आयु30 वर्ष25 वर्ष
पीठासीन अधिकारीसभापति (उपराष्ट्रपति)अध्यक्ष (स्पीकर)
धन विधेयकप्रस्तुत नहीं हो सकता; केवल 14 दिन तक रोक सकती हैकेवल यहीं प्रस्तुत होता है
अविश्वास प्रस्तावनहीं ला सकतीला सकती है

राज्यसभा सीटों की संख्या से संबंधित परीक्षाओं में पूछे गए प्रश्न-उत्तर

राज्यसभा महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तरी
प्रश्न 1- राज्य सभा में होते हैं-
(a) 280 सदस्य, जिनमें से 20 सदस्य भारत के राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत किए जाते हैं।
(b) 275 सदस्य, जिनमें से 18 सदस्य भारत के राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत किए जाते हैं।
(c) 250 सदस्य, जिनमें से 12 सदस्य भारत के राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत किए जाते हैं।
(d) 252 सदस्य, जिनमें से 12 सदस्य भारत के राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत किए जाते हैं।
उत्तर- (c) अनुच्छेद 80 के अनुसार राज्यसभा की अधिकतम सदस्य संख्या 250 है, जिसमें 238 निर्वाचित और 12 मनोनीत सदस्य शामिल हैं। ध्यान रखें कि यह संवैधानिक अधिकतम सीमा है, वर्तमान संख्या 245 है।
प्रश्न 2- राज्य सभा में राज्यों को प्रतिनिधित्व निम्नांकित में से किस आधार पर दिया जाता है?
(a) प्रत्येक राज्य के लिए बराबर
(b) उनकी जनसंख्या के अनुपात में स्थान
(c) उनके क्षेत्रफल के अनुपात में स्थान
(d) उनके राजस्व के अनुपात में स्थान
उत्तर- (b) अमेरिका की तरह समान प्रतिनिधित्व का सिद्धांत भारत में नहीं अपनाया गया। यहाँ राज्य की जनसंख्या को आधार बनाया गया है, इसीलिए उत्तर प्रदेश को 31 और सिक्किम को मात्र 1 सीट प्राप्त है।
प्रश्न 3- निम्नलिखित में से कौन-सा सही सुमेलित नहीं है?
(राज्य) (राज्य सभा में स्थानों का आवंटन)
(a) आंध्र प्रदेश — 18
(b) ओडिशा — 10
(c) तमिलनाडु — 18
(d) महाराष्ट्र — 19
उत्तर- (a) आंध्र प्रदेश को 11 सीटें आवंटित हैं, 18 नहीं। शेष तीनों विकल्प सही सुमेलित हैं।
प्रश्न 4- निम्नलिखित में से किस राज्य से राज्य सभा के लिए निर्वाचित सदस्यों की संख्या सबसे कम है?
(a) छत्तीसगढ़
(b) हिमाचल प्रदेश
(c) झारखंड
(d) जम्मू-कश्मीर
उत्तर- (b) हिमाचल प्रदेश 3, जम्मू-कश्मीर 4, छत्तीसगढ़ 5 और झारखंड 6 — इनमें सबसे कम सीटें हिमाचल प्रदेश की हैं।
प्रश्न 5- राज्यसभा में निर्वाचित सदस्यों की संख्या है?
(a) 245
(b) 250
(c) 233
(d) 238
उत्तर- (c) कुल 245 सीटों में से 233 पर निर्वाचन होता है और शेष 12 पर राष्ट्रपति मनोनयन करते हैं।
प्रश्न 6- राज्यसभा में अधिकतम कितने सदस्य निर्वाचित हो सकते हैं?
(a) 245
(b) 250
(c) 233
(d) 238
उत्तर- (d) अनुच्छेद 80 के तहत राज्यों और संघ राज्यक्षेत्रों से अधिकतम 238 सदस्य निर्वाचित हो सकते हैं। प्रश्न 5 और 6 का अंतर यही है — एक वर्तमान संख्या पूछ रहा है, दूसरा संवैधानिक अधिकतम।
प्रश्न 7- सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए।
A. राजस्थान — 1. 10 सीटें
B. गुजरात — 2. 7 सीटें
C. कर्नाटक — 3. 11 सीटें
D. पंजाब — 4. 12 सीटें
(a) A-1, B-3, C-4, D-2
(b) A-2, B-3, C-4, D-1
(c) A-1, B-2, C-3, D-4
(d) A-4, B-3, C-1, D-2
उत्तर- (a) राजस्थान 10, गुजरात 11, कर्नाटक 12 और पंजाब 7 सीटें।
प्रश्न 8- राज्यसभा में कितने सदस्य केंद्र शासित प्रदेशों से निर्वाचित होते हैं?
(a) 4
(b) 3
(c) 8
(d) एक भी नहीं
उत्तर- (c) दिल्ली 3 + जम्मू-कश्मीर 4 + पुडुचेरी 1 = कुल 8 सीटें। शेष केंद्र शासित प्रदेशों को राज्यसभा में प्रतिनिधित्व प्राप्त नहीं है।
प्रश्न 9- राज्यसभा सीटों की घटती हुई संख्या के आधार पर राज्यों का कौन सा क्रम सही है?
(a) कर्नाटक, गुजरात, राजस्थान, केरल
(b) केरल, गुजरात, राजस्थान, कर्नाटक
(c) राजस्थान, केरल, कर्नाटक, गुजरात
(d) गुजरात, कर्नाटक, राजस्थान, केरल
उत्तर- (a) कर्नाटक 12 > गुजरात 11 > राजस्थान 10 > केरल 9।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्रश्न 1: राज्यसभा में कुल कितनी सीटें हैं?

उत्तर: राज्यसभा में वर्तमान में कुल 245 सीटें हैं। इनमें से 233 सदस्य राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से निर्वाचित होते हैं और 12 सदस्यों को राष्ट्रपति अनुच्छेद 80(3) के तहत मनोनीत करते हैं। संविधान के अनुसार यह संख्या अधिकतम 250 तक हो सकती है।

प्रश्न 2: राज्यसभा में सबसे ज़्यादा सीटें किस राज्य की हैं? 

उत्तर: उत्तर प्रदेश की, जिसे 31 सीटें आवंटित हैं। इसके बाद महाराष्ट्र (19), तमिलनाडु (18) तथा पश्चिम बंगाल एवं बिहार (16-16) का स्थान आता है। सबसे कम, यानी केवल 1-1 सीट, गोवा, सिक्किम, त्रिपुरा, नागालैंड, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश और पुडुचेरी को प्राप्त है।

प्रश्न 3: राज्यसभा सदस्यों का चुनाव कौन करता है? 

उत्तर: राज्यसभा सदस्यों का चुनाव संबंधित राज्य की विधानसभा के निर्वाचित विधायक करते हैं। यह एक अप्रत्यक्ष चुनाव है, जो आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली और एकल संक्रमणीय मत पद्धति पर आधारित है। विधानसभा के मनोनीत सदस्य इस मतदान में भाग नहीं ले सकते।

प्रश्न 4: क्या सभी केंद्र शासित प्रदेशों को राज्यसभा में सीट मिली है? 

उत्तर: नहीं। केवल तीन केंद्र शासित प्रदेशों — दिल्ली (3), जम्मू-कश्मीर (4) और पुडुचेरी (1) — को कुल 8 सीटें आवंटित हैं। शेष केंद्र शासित प्रदेशों को राज्यसभा में फिलहाल कोई प्रतिनिधित्व प्राप्त नहीं है।

प्रश्न 5: राज्यसभा का सदस्य बनने के लिए न्यूनतम आयु कितनी होनी चाहिए? 

उत्तर: अनुच्छेद 84 के अनुसार राज्यसभा का सदस्य बनने के लिए न्यूनतम आयु 30 वर्ष है, जबकि लोकसभा के लिए यह 25 वर्ष है। उम्मीदवार का भारत का नागरिक होना तथा जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की शर्तें पूरी करना भी आवश्यक है।

प्रश्न 6: राज्यसभा को स्थायी सदन क्यों कहा जाता है? 

उत्तर: क्योंकि इसका कभी विघटन नहीं होता। इसके सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्ष का होता है और हर दो वर्ष पर एक-तिहाई सदस्य सेवानिवृत्त हो जाते हैं, जिनकी जगह नए सदस्य चुने जाते हैं। इस प्रकार सदन की निरंतरता बनी रहती है, जबकि लोकसभा को समय से पहले भी भंग किया जा सकता है।

निष्कर्ष

राज्यसभा सीटों की संख्या का टॉपिक देखने में छोटा लगता है, लेकिन 245, 250, 233 और 238 — इन चार संख्याओं के अंतर की वजह से परीक्षा में यहाँ सबसे ज़्यादा गलतियाँ होती हैं। एक बार यह स्पष्ट हो जाए कि 250 और 238 संवैधानिक अधिकतम सीमाएँ हैं जबकि 245 और 233 वर्तमान वास्तविक संख्याएँ हैं, तो इस टॉपिक का कोई भी प्रश्न कठिन नहीं रह जाता।

ऊपर दी गई राज्यवार तालिका और तुलनात्मक चार्ट को रिवीजन के समय एक बार अवश्य दोहराएँ। UPSC, UPPSC, SSC तथा राज्य स्तरीय परीक्षाओं में इसी तालिका पर आधारित प्रश्न बार-बार पूछे जाते रहे हैं।

 

Nitin Tiwari
✍️ लेखक

Nitin Tiwari

नितिन तिवारी GKGSNotes.com के संस्थापक और मुख्य लेखक हैं। उन्होंने गणित में B.Sc. और भूगोल में M.A. की डिग्री प्राप्त की है तथा D.El.Ed (2017 बैच) भी किया है। इसके अलावा उन्हें 5 वर्षों का शिक्षण अनुभव भी है, जिससे वे छात्रों की जरूरतों और परीक्षा की चुनौतियों को गहराई से समझते हैं। उत्तर प्रदेश से संबंध रखने वाले नितिन जी को भूगोल, इतिहास और सामान्य ज्ञान विषयों में गहरी रुचि है। उनका लक्ष्य है कि हिंदी माध्यम के छात्रों को UPSC, UPPSC, SSC, UP Police जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उच्च गुणवत्ता की अध्ययन सामग्री बिल्कुल निःशुल्क मिले।

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