भारत में राज्यसभा सीटों की संख्या कितनी है? (राज्यवार लिस्ट)

भारत में राज्यसभा सीटों की संख्या 245 है हालांकि संविधान के अनुच्छेद 80 के अनुसार राज्यसभा में अधिकतम 250 सीटें हो सकती हैं। परंतु वर्तमान में 245 सीटें ही हैं जिनमें से 233 सीटों पर चुनाव होते हैं और 12 सीटों पर सदस्य राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत किए जाते हैं। इस पोस्ट को पूरा पढ़ें इस पोस्ट में मैंने राज्यसभा सीटों की संख्या से संबंधित सभी भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास किया है। नीचे दी गई इमेज को ध्यान से देखते हुए आगे की पोस्ट पढें।

भारत में राज्यसभा सीटों की संख्या

राज्यसभा का संक्षिप्त परिचय

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 79 के अनुसार, संसद के तीन अंग होते हैं- राष्ट्रपति, लोकसभा और राज्यसभा। राज्यसभा भारतीय संसद का ‘उच्च सदन’ और द्वितीय सदन है। यह एक ‘स्थायी सदन’ है, जिसे कभी भंग नहीं किया जा सकता। इसे ‘राज्यों की परिषद’ के नाम से भी जाना जाता है।

इसका मुख्य कार्य संघीय स्तर पर भारत के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करना है। आपको बता दें कि राज्यसभा का गठन पहली बार 3 अप्रैल 1952 को हुआ था और इसकी पहली बैठक 13 मई 1952 को आयोजित की गई थी। भारत के उपराष्ट्रपति राज्यसभा के पदेन सभापति होते हैं, जो इसकी कार्यवाही का संचालन करते हैं।

भारतीय संविधान में राज्यसभा सीटों की संख्या से संबंधित प्रावधान-

  • भारतीय संविधान के अनुच्छेद 80 में राज्यसभा की संरचना का उल्लेख है।
  • अनुच्छेद 80 के अनुसार राज्यसभा में अधिकतम सदस्य संख्या 250 हो सकती है।
  • अनुच्छेद 80 के अनुसार राज्यों एवं संघ शासित प्रदेशों से अधिकतम 238 सदस्य निर्वाचित होंगे जबकि राष्ट्रपति के द्वारा 12 सदस्य मनोनीत किए जाएंगे।
  • हालांकि वर्तमान में राज्यसभा में सीटों की संख्या 245 है जिनमें से 233 सीटों पर सदस्य निर्वाचित होते हैं और 12 सीटों पर सदस्यों को राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत किया जाता है। 233 निर्वाचित सदस्यों में से 225 सदस्य राज्यों से और 8 सदस्य केंद्र शासित प्रदेशों से निर्वाचित होते हैं। इन 8 सदस्यों में से 3 सदस्य दिल्ली से, 1 सदस्य पुडुचेरी से और चार सदस्य जम्मू-कश्मीर से निर्वाचित होता है।

Note- ध्यातव्य है कि सभी केंद्र शासित प्रदेशों (Union Territories) को राज्यसभा में प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया है। 7वें संविधान संशोधन अधिनियम 1956 के द्वारा यह प्रावधान किया गया है कि राज्यसभा में संघ राज्य क्षेत्रों के प्रतिनिधि ऐसी रीति से चुने जाएंगे जो संसद विधि द्वारा निश्चित करें। संसद ने इस शक्ति का प्रयोग करते हुए दिल्ली को 3, पुडुचेरी को 1 और जम्मू-कश्मीर को 4 सीटें आवंटित की हैं। शेष बचे हुए पांचों केंद्र शासित प्रदेशों को राज्यसभा में फिलहाल कोई प्रतिनिधित्व प्राप्त नहीं है।

  • अनुच्छेद 80(3) में यह स्पष्ट उल्लेखित है कि साहित्य विज्ञान कला एवं समाज सेवा में विशेष ज्ञान अथवा व्यावहारिक अनुभव रखने वाले व्यक्तियों को राष्ट्रपति राज्यसभा में मनोनीत करेंगे।

Note- राष्ट्रपति द्वारा राज्यसभा में 12 सदस्यों को मनोनीत करना राष्ट्रपति का स्वविवेक नहीं है बल्कि राष्ट्रपति मंत्री परिषद की सलाह पर इन 12 सदस्यों को मनोनीत करते हैं। यह मामला गृह मंत्रालय के अधीन आता है।

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राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों में राज्यसभा सीटों का आवंटन-

राज्यसभा में प्रत्येक राज्य से कितने सदस्य होंगे इसके लिए अमेरिका आस्ट्रेलिया आदि में प्रचलित समान प्रतिनिधित्व के सिद्धांत (प्रत्येक राज्य को समान सीटें) को नहीं अपनाया गया है बल्कि राज्य विशेष की जनसंख्या को आधार बनाया गया है। यह व्यवस्था की गई है कि किसी राज्य की जनसंख्या के पहले 50 लाख व्यक्तियों तक हर 10 लाख व्यक्तियों पर एक सदस्य तथा उसके बाद प्रति 20 लाख व्यक्तियों पर राज्यसभा में एक सदस्य होगा।

उदाहरण के लिए माना कि A एक राज्य है जिसकी जनसंख्या 1 करोड़ 70 लाख है। तो उसे जनसंख्या के पहले 50 लाख व्यक्तियों तक प्रत्येक 10 लाख व्यक्तियों पर एक सीट अर्थात 5 सीटें प्राप्त होगी। बचे हुए 1 करोड़ 20 लाख व्यक्तियों के लिए प्रत्येक 20 लाख व्यक्तियों पर एक सीट प्राप्त होगी यानी उसे 6 सीटें और प्राप्त होगी। यानी राज्य A में 11 राज्यसभा सीटें हैं।

संविधान की चौथी अनुसूची में सभी राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को राज्यसभा में आवंटित की गई सीटों की सूची दी गई है। वर्तमान में यह सूची इस प्रकार है-

राज्यों में राज्यसभा सीटों की संख्या की लिस्ट-

  1. उत्तर प्रदेश में राज्यसभा सीटों की संख्या सर्वाधिक 31 है।
  2. दूसरे स्थान पर महाराष्ट्र में राज्यसभा सीटों की संख्या 19 है।
  3. तीसरे स्थान पर तमिलनाडु में राज्यसभा सीटों की संख्या 18 है।
  4. चौथे स्थान पर पश्चिम बंगाल और बिहार में राज्यसभा सीटों की संख्या 16-16 है।
  5. सभी 8 उत्तर-पूर्वी राज्यों (North East states) के पास राज्यसभा की 1-1 सीट है।
  6. केंद्र शासित प्रदेशों में सिर्फ दिल्ली, पुडुचेरी और जम्मू-कश्मीर को राज्यसभा में सीटें आवंटित की गई है जिनमें से दिल्ली को 3,‌ पुडुचेरी को 1 और जम्मू कश्मीर को 4 सीट आवंटित की गई हैं।

भारतीय राज्यों में राज्यसभा सीटों की संख्या (Map)

भारतीय संविधान की अनुसूची 4 के अनुसार राज्यों में राज्यसभा सीटों की संख्या की सूची-

राज्य केंद्र शासित प्रदेशसीटों की संख्या
उत्तर प्रदेश31
महाराष्ट्र19
तमिलनाडु18
पश्चिम बंगाल16
बिहार16
कर्नाटक12
मध्य प्रदेश11
आंध्र प्रदेश11
गुजरात11
ओडिशा10
राजस्थान10
केरल9
पंजाब7
तेलंगाना7
झारखंड6
हरियाणा5
छत्तीसगढ़5
जम्मू-कश्मीर (UT)4
हिमाचल प्रदेश3
उत्तराखंड3
दिल्ली (UT)3
असम1
मणिपुर1
मेघालय1
मिजोरम1
नागालैंड1
नागालैंड1
सिक्किम1
त्रिपुरा1
अरुणाचल प्रदेश1
पुडुचेरी (UT)

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परीक्षा की दृष्टि से राज्यसभा से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण तथ्य

  • सदस्यों की अर्हता या योग्यता (अनुच्छेद 84): राज्यसभा का सदस्य निर्वाचित होने के लिए व्यक्ति का भारत का नागरिक होना और उसकी आयु कम से कम 30 वर्ष होना अनिवार्य है। इसके अलावा, उम्मीदवार को चुनाव आयोग द्वारा अधिकृत व्यक्ति के समक्ष संविधान की तीसरी अनुसूची के तहत शपथ लेनी होती है। साथ ही, उसे संसद द्वारा बनाए गए ‘जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951’ के तहत निर्धारित अन्य सभी योग्यताओं को भी पूरा करना आवश्यक है।
  • कार्यकाल और पुनर्चुनाव (अनुच्छेद 83): राज्यसभा एक स्थायी सदन है, जिसका विघटन कभी नहीं होता। हालाँकि, राज्यसभा के प्रत्येक सदस्य का कार्यकाल 6 वर्ष का होता है। इसके एक-तिहाई (1/3) सदस्य हर दूसरे साल (2 वर्ष की समाप्ति पर) सेवानिवृत्त हो जाते हैं और उन खाली हुई सीटों पर नए सिरे से चुनाव होते हैं। ध्यातव्य है कि सेवानिवृत्त होने वाले सदस्य कितनी भी बार दोबारा चुने जाने (पुनर्निर्वाचित होने) के योग्य होते हैं।
  • चुनाव प्रक्रिया (अप्रत्यक्ष चुनाव): राज्यसभा सदस्यों का चुनाव सीधे जनता द्वारा नहीं किया जाता, बल्कि यह एक अप्रत्यक्ष चुनाव है। सदस्यों का चुनाव संबंधित राज्य की विधानसभा के केवल ‘निर्वाचित विधायकों’ द्वारा किया जाता है (मनोनीत सदस्य इसमें भाग नहीं लेते)। यह चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली और एकल संक्रमणीय मत के आधार पर होता है। क्रॉस-वोटिंग रोकने के लिए 2003 के बाद से राज्यसभा चुनावों में ‘खुले मतदान’ की व्यवस्था अपनाई गई है।
  • राज्यसभा की विशेष शक्तियां (विशेषाधिकार): संविधान ने राज्यसभा को कुछ ऐसी विशेष शक्तियां प्रदान की हैं जो लोकसभा के पास भी नहीं हैं:
    1. अनुच्छेद 249: यदि राज्यसभा अपने उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के दो-तिहाई (2/3) विशेष बहुमत से यह प्रस्ताव पारित कर दे कि राष्ट्रीय हित में ऐसा करना आवश्यक है, तो संसद ‘राज्य सूची’  के किसी भी विषय पर पूरे देश या किसी भाग के लिए कानून बना सकती है।
    2. अनुच्छेद 312: राज्यसभा अपने उपस्थित और मतदान करने वाले दो-तिहाई (2/3) सदस्यों के समर्थन से नई ‘अखिल भारतीय सेवाओं’ (जैसे- IAS, IPS, IFS) के सृजन का एकाधिकार रखती है।
    3. अनुच्छेद 67(b): भारत के उपराष्ट्रपति (जो राज्यसभा के पदेन सभापति होते हैं) को उनके पद से हटाने का प्रस्ताव केवल और केवल राज्यसभा में ही पेश किया जा सकता है, लोकसभा में नहीं।

 

राज्यसभा सीटों की संख्या से संबंधित विभिन्न परीक्षाओं में पूछे गए प्रश्न-

प्रश्न 1- राज्य सभा में होते हैं-

(a) 280 सदस्य, जिनमें से 20 सदस्य भारत के राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत किए जाते हैं।

(b) 275 सदस्य, जिनमें से 18 सदस्य भारत के राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत किए जाते हैं।

(c) 250 सदस्य, जिनमें से 12 सदस्य भारत के राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत किए जाते हैं।

(d) 252 सदस्य, जिनमें से 12 सदस्य भारत के राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत किए जाते हैं।

प्रश्न 2- राज्य सभा में राज्यों को प्रतिनिधित्व निम्नांकित में से किस आधार पर दिया जाता है?

(a) प्रत्येक राज्य के लिए बराबर

(b) उनकी जनसंख्या के अनुपात में स्थान

(c) उनके क्षेत्रफल के अनुपात में स्थान

(d) उनके राजस्व के अनुपात में स्थान

प्रश्न 3- निम्नलिखित में से कौन-सा सही सुमेलित नहीं है?

(राज्य)                 (राज्य सभा में स्थानों का आवंटन)

(a) आंध्र प्रदेश                    18

(b) ओडिशा ‌                     10

(c) तमिलनाडु                    18

(d) महाराष्ट्र ‌                       19

प्रश्न 4- निम्नलिखित में से किस राज्य से राज्य सभा के लिए निर्वाचित सदस्यों की संख्या सबसे कम है?

(a) छत्तीसगढ़

(b) हिमाचल प्रदेश

(c) झारखंड

(d) जम्मू-कश्मीर

प्रश्न 5- राज्यसभा में निर्वाचित सदस्यों की संख्या है?

(a) 245 (b) 250 (c) 233 (d) 238

प्रश्न 6- राज्यसभा में अधिकतम कितने सदस्य निर्वाचित हो सकते हैं?

(a) 245 (b) 250 (c) 233 (d) 238

प्रश्न 7- सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए।

सूची-I (राज्य) सूची-II (राज्य सभा में प्रतिनिधित्व)

A. राजस्थान         1. 10 सीटें

B. गुजरात            2. 7 सीटें

C. कर्नाटक          3. 11 सीटें

D. पंजाब             4. 12 सीटें

कूट : A B C D

(a) 1 3 4 2

(b) 2 3 4 1

(c) 1 2 3 4

(d) 4 3 1 2

प्रश्न 8- राज्यसभा में कितने सदस्य केंद्र शासित प्रदेशों से निर्वाचित होते हैं?

(a) 4   (b) 3   (c) 8   (d) एक भी नहीं

प्रश्न 9- राज्यसभा सीटों की बढ़ती हुई संख्या के आधार पर राज्यों का कौन सा क्रम सही है?

(a) कर्नाटक गुजरात राजस्थान केरल

(b) केरल गुजरात राजस्थान कर्नाटक

(c) राजस्थान केरल कर्नाटक गुजरात

(d) गुजरात कर्नाटक राजस्थान केरल

Nitin Tiwari
✍️ लेखक

Nitin Tiwari

नितिन तिवारी GKGSNotes.com के संस्थापक और मुख्य लेखक हैं। उन्होंने गणित में B.Sc. और भूगोल में M.A. की डिग्री प्राप्त की है तथा D.El.Ed (2017 बैच) भी किया है। इसके अलावा उन्हें 5 वर्षों का शिक्षण अनुभव भी है, जिससे वे छात्रों की जरूरतों और परीक्षा की चुनौतियों को गहराई से समझते हैं। उत्तर प्रदेश से संबंध रखने वाले नितिन जी को भूगोल, इतिहास और सामान्य ज्ञान विषयों में गहरी रुचि है। उनका लक्ष्य है कि हिंदी माध्यम के छात्रों को UPSC, UPPSC, SSC, UP Police जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उच्च गुणवत्ता की अध्ययन सामग्री बिल्कुल निःशुल्क मिले।

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