भारत के राष्ट्रीय प्रतीकों में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा, राष्ट्रगान ‘जन गण मन’, राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’, राष्ट्रीय प्रतीक अशोक स्तंभ, राष्ट्रीय पशु बाघ, राष्ट्रीय पक्षी मोर, राष्ट्रीय पुष्प कमल, राष्ट्रीय वृक्ष बरगद, राष्ट्रीय फल आम और राष्ट्रीय नदी गंगा शामिल हैं। इनके अलावा हाथी को राष्ट्रीय विरासत पशु, गंगा नदी डॉल्फिन को राष्ट्रीय जलीय जीव, भारतीय रुपया को राष्ट्रीय मुद्रा और शक संवत को राष्ट्रीय पंचांग का दर्जा प्राप्त है।
किसी भी राष्ट्र की अस्मिता और गौरव उसके राष्ट्रीय प्रतीकों में बसता है। ये प्रतीक हमारी हज़ारों साल पुरानी सांस्कृतिक विरासत, विविधता और अखंडता के जीते-जागते प्रमाण हैं। इस लेख में सभी प्रतीकों की पूरी सूची, उनका ऐतिहासिक महत्व, वैज्ञानिक नाम और परीक्षा में पूछे जाने वाले तथ्य विस्तार से दिए गए हैं।
अंतिम अपडेट: सितम्बर 2026

भारत के राष्ट्रीय प्रतीकों की सूची (सारांश तालिका)
रिवीजन के समय यह तालिका सबसे अधिक काम आएगी। पूरे लेख का सार यहीं एक जगह मौजूद है।
| क्रम | श्रेणी | राष्ट्रीय प्रतीक | वैज्ञानिक नाम / रचयिता | अपनाने की तिथि |
|---|---|---|---|---|
| 1 | राष्ट्रीय ध्वज | तिरंगा | पिंगली वेंकैया (प्रारूपकार) | 22 जुलाई 1947 |
| 2 | राष्ट्रगान | जन गण मन | रवींद्रनाथ टैगोर (रचयिता) | 24 जनवरी 1950 |
| 3 | राष्ट्रीय गीत | वंदे मातरम | बंकिम चंद्र चटर्जी (रचयिता) | 24 जनवरी 1950 |
| 4 | राष्ट्रीय प्रतीक (राजचिह्न) | अशोक स्तंभ | सारनाथ (मूल स्रोत) | 26 जनवरी 1950 |
| 5 | राष्ट्रीय पशु | बाघ (रॉयल बंगाल टाइगर) | पैंथरा टाइग्रिस | वर्ष 1972 |
| 6 | राष्ट्रीय पक्षी | भारतीय मोर | पावो क्रिस्टाटस | 1 फरवरी 1963 |
| 7 | राष्ट्रीय पुष्प | कमल | नेलंबो न्यूसीफेरा | वर्ष 1950 |
| 8 | राष्ट्रीय वृक्ष | बरगद | फाइकस बंगालेंसिस | वर्ष 1950 |
| 9 | राष्ट्रीय फल | आम | मैंगीफेरा इंडिका | वर्ष 1950 |
| 10 | राष्ट्रीय नदी | गंगा | गंगोत्री हिमनद (उद्गम) | 4 नवंबर 2008 |
| 11 | राष्ट्रीय विरासत पशु | हाथी | एलिफास मैक्सिमस इंडिकस | 22 अक्टूबर 2010 |
| 12 | राष्ट्रीय जलीय जीव | गंगा नदी डॉल्फिन | प्लैटनिस्टा गैंगेटिका | 5 अक्टूबर 2009 |
| 13 | राष्ट्रीय मुद्रा | भारतीय रुपया (₹) | डी. उदय कुमार (प्रतीक रचनाकार) | 15 जुलाई 2010 |
| 14 | राष्ट्रीय पंचांग | शक संवत | राजा कनिष्क (शुरुआत) | 22 मार्च 1957 |

📌 ध्यान दें
ऊपर दी गई सूची में वे प्रतीक हैं जिन्हें भारत सरकार से आधिकारिक मान्यता प्राप्त है। कुछ अन्य प्रतीकों — जैसे राष्ट्रीय खेल, राष्ट्रीय भाषा, राष्ट्रीय सरीसृप और राष्ट्रीय सब्जी — के बारे में परीक्षाओं में अक्सर पूछा जाता है, पर उनकी स्थिति अलग है। इनकी पूरी जानकारी लेख के अंत में ‘अनौपचारिक राष्ट्रीय प्रतीक’ अनुभाग में दी गई है।
राष्ट्रीय प्रतीक क्यों चुने जाते हैं?
हम बचपन से ही किताबों में राष्ट्रीय प्रतीकों के बारे में पढ़ते आ रहे हैं, लेकिन ये सिर्फ़ कुछ खूबसूरत चित्र या डिज़ाइन नहीं हैं। इनमें से हर एक प्रतीक के पीछे देश का लंबा संघर्ष और एक खास सोच छिपी है।
संविधान निर्माताओं ने जानबूझकर ऐसे प्रतीक चुने जो कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक फैले इस विशाल देश की विविधता को एक धागे में पिरो सकें। यही कारण है कि शेर की जगह बाघ चुना गया, और किसी एक क्षेत्र के फूल की जगह कमल — जो पूरे देश में पाया जाता है।
भारत का राष्ट्रीय ध्वज कौन सा है?
भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा है, जिसे संविधान सभा ने 22 जुलाई 1947 को अपनाया था। इसका मूल डिज़ाइन आंध्र प्रदेश के स्वतंत्रता सेनानी पिंगली वेंकैया ने तैयार किया था।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
- पिंगली वेंकैया के शुरुआती डिज़ाइन में बीच में महात्मा गांधी का चरखा था, जो स्वदेशी आंदोलन का प्रतीक था।
- 1947 में जब इसे अपनाया गया, तो निरंतर प्रगति दिखाने के लिए चरखे को हटाकर ‘अशोक चक्र’ रखा गया।
आकार और बनावट के नियम
- ध्वज की लंबाई और चौड़ाई का अनुपात हमेशा 3:2 होना चाहिए।
- ‘भारतीय ध्वज संहिता 2002’ के अनुसार पहले ध्वज केवल हाथ से कते और बुने खादी कपड़े से ही बन सकता था। 30 दिसंबर 2021 को संहिता में संशोधन करके मशीन-निर्मित और पॉलिएस्टर के ध्वज को भी स्थायी अनुमति दे दी गई।
तीन रंगों का अर्थ
- केसरिया (ऊपर): शक्ति, साहस, त्याग और बलिदान का प्रतीक।
- सफेद (बीच में): शांति, सत्य और पवित्रता का प्रतीक।
- हरा (नीचे): उर्वरता, विकास, हरियाली और समृद्धि का प्रतीक। यह कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था और किसानों के परिश्रम का सम्मान है।
अशोक चक्र (धर्म चक्र)
- सफेद पट्टी के बीच गहरे नीले रंग का चक्र होता है, जो सारनाथ स्थित सम्राट अशोक के सिंह स्तंभ से लिया गया है।
- इसमें 24 तीलियां होती हैं, जो दिन के 24 घंटों का प्रतिनिधित्व करती हैं।
- इसका दार्शनिक संदेश है— “गति ही जीवन है और ठहराव मृत्यु है।”
नागरिकों का अधिकार
26 जनवरी 2002 से लागू ‘भारतीय ध्वज संहिता 2002’ के बाद आम नागरिकों को भी साल के किसी भी दिन सम्मान के साथ तिरंगा फहराने का अधिकार मिल गया। यह बदलाव उद्योगपति नवीन जिंदल द्वारा लड़ी गई लंबी कानूनी लड़ाई का परिणाम था, जिसे सर्वोच्च न्यायालय ने 2004 में अंतिम रूप से सही ठहराया।
राष्ट्रीय शोक के समय ध्वज को आधा झुका दिया जाता है। किसी शहीद सैनिक के ताबूत को सम्मानस्वरूप तिरंगे से ढका जाता है, पर अंतिम संस्कार से पहले ध्वज को सम्मानपूर्वक हटा लिया जाता है — इसे चिता के साथ जलाया या कब्र में नहीं उतारा जाता।
भारत का राष्ट्रगान कौन सा है?
भारत का राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ है, जिसकी रचना नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर ने की थी। संविधान सभा ने इसे 24 जनवरी 1950 को अपनाया।
रचना और पृष्ठभूमि
- ‘जन गण मन’ मूल रूप से संस्कृतनिष्ठ बंगाली भाषा में लिखा गया था। यह टैगोर की कविता ‘भारत भाग्य विधाता’ का हिस्सा है।
- मूल कविता में कुल 5 पद हैं, लेकिन राष्ट्रगान के रूप में केवल पहला पद ही अपनाया गया है।
- 1919 में आंध्र प्रदेश के मदनपल्ले में टैगोर ने स्वयं इसका अंग्रेजी अनुवाद किया, जिसे “The Morning Song of India” नाम दिया गया।
- रवींद्रनाथ टैगोर दुनिया के एकमात्र ऐसे कवि हैं जिनकी रचनाओं को दो देशों ने राष्ट्रगान बनाया — भारत का ‘जन गण मन’ और बांग्लादेश का ‘आमार सोनार बांग्ला’।
पहली बार गायन
- ‘जन गण मन’ पहली बार 27 दिसंबर 1911 को कलकत्ता में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 26वें अधिवेशन में गाया गया था।
- इस अधिवेशन की अध्यक्षता पंडित बिशन नारायण धर ने की थी और इसे सरला देवी चौधरानी ने स्कूली बच्चों के समूह के साथ गाया था।
गायन का समय
- पूरे राष्ट्रगान को गाने या बजाने में ठीक 52 सेकंड लगते हैं।
- सेना के विशेष अवसरों पर बजने वाले संक्षिप्त संस्करण में केवल पहली और आखिरी पंक्ति होती है, जिसमें 20 सेकंड लगते हैं।
संवैधानिक कर्तव्य
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51A(a) के तहत हर नागरिक का मौलिक कर्तव्य है कि वह संविधान, राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान का आदर करे। राष्ट्रगान बजने पर ‘सावधान’ मुद्रा में खड़ा होना इसी कर्तव्य का हिस्सा है।
भारत का राष्ट्रीय गीत कौन सा है?
भारत का राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ है, जिसकी रचना बंगाली साहित्यकार बंकिम चंद्र चटर्जी ने की थी। इसे भी 24 जनवरी 1950 को अपनाया गया।
अगर ‘जन गण मन’ आज़ाद भारत की शान है, तो ‘वंदे मातरम’ उस दौर की आत्मा है जब देश आज़ादी की लड़ाई लड़ रहा था।
रचना और मूल स्रोत
- इसे मूल रूप से 1870 के दशक में संस्कृत और बंगाली के मिश्रित रूप में लिखा गया था।
- 1882 में बंकिम चंद्र ने इसे अपने प्रसिद्ध उपन्यास “आनंदमठ” में शामिल किया। यह उपन्यास ‘संन्यासी विद्रोह’ पर आधारित था।
- इसका सबसे प्रामाणिक अंग्रेजी अनुवाद श्री अरबिंदो ने किया था।
- मूल धुन यदुनाथ भट्टाचार्य (जदु भट्ट) ने तैयार की थी।
पहली बार गायन और स्वीकृति
- सार्वजनिक मंच पर सबसे पहले 1896 में कलकत्ता में कांग्रेस के 12वें अधिवेशन में गाया गया, जिसकी अध्यक्षता रहीमतुल्ला एम. सयानी ने की थी। दिलचस्प बात यह है कि इसे गाने वाले स्वयं रवींद्रनाथ टैगोर थे।
- संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने 24 जनवरी 1950 को इसे ‘राष्ट्रगीत’ घोषित किया।
- पूरे गीत को नहीं, बल्कि इसके केवल शुरुआती दो पदों को ही राष्ट्रीय गीत का दर्जा प्राप्त है।
- संविधान सभा की घोषणा के अनुसार ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगान के समान दर्जा और सम्मान प्राप्त है।
स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका
- 1905 के बंगाल विभाजन और स्वदेशी आंदोलन के दौरान ‘वंदे मातरम’ क्रांतिकारियों का ‘युद्धघोष’ बन गया था।
- ब्रिटिश हुकूमत इस गीत के प्रभाव से इतनी डरी कि उसने सड़कों पर इसे गाने पर प्रतिबंध लगा दिया।
- भगत सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद और खुदीराम बोस जैसे अनगिनत क्रांतिकारियों ने अपने अंतिम शब्दों के रूप में ‘वंदे मातरम’ का उद्घोष किया।
🎯 परीक्षा उपयोगी तथ्य
राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत में अंतर याद रखें — जन गण मन देश का आधिकारिक प्रतिनिधित्व करता है और इसके अपमान पर कानूनी दंड का प्रावधान है। वंदे मातरम को समान सम्मान प्राप्त है, पर इसके लिए गायन संबंधी कोई अनिवार्य नियम नहीं हैं। दोनों 24 जनवरी 1950 को अपनाए गए।
भारत का राष्ट्रीय प्रतीक (राजचिह्न) कौन सा है?
भारत का राष्ट्रीय प्रतीक अशोक स्तंभ है, जो सारनाथ स्थित सम्राट अशोक के सिंह स्तंभ से लिया गया है। इसे 26 जनवरी 1950 को अपनाया गया।

इतिहास
- सारनाथ वह पवित्र स्थान है जहाँ भगवान बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति के बाद अपना पहला उपदेश दिया था, जिसे ‘धर्म चक्र प्रवर्तन’ कहा जाता है। सम्राट अशोक ने इसी घटना की याद में लगभग 250 ईसा पूर्व यह स्तंभ बनवाया।
- मूल स्तंभ की खोज 1904 में पुरातत्व विभाग की खुदाई के दौरान हुई थी और वर्तमान में यह सारनाथ संग्रहालय (वाराणसी) में सुरक्षित है।
संरचना और शेरों का महत्व
- प्रतीक में 4 एशियाई शेर गोलाकार आधार पर पीठ से पीठ सटाकर बैठे हैं। सामने से देखने पर केवल 3 शेर दिखते हैं और चौथा पीछे छिपा रहता है।
- ये चार शेर शक्ति, साहस, गर्व और आत्मविश्वास का प्रतिनिधित्व करते हैं।
निचला आधार और चार जानवर
गोलाकार आधार पर चार जानवरों की आकृतियां उकेरी गई हैं — पूर्व में हाथी, पश्चिम में बैल, उत्तर में शेर और दक्षिण में दौड़ता हुआ घोड़ा। (छात्र इसे BHEL — Bull, Horse, Elephant, Lion की ट्रिक से याद रख सकते हैं।)
- बैल: कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था और किसानों के परिश्रम का प्रतीक।
- घोड़ा: देश की ऊर्जा, शक्ति और निरंतर गतिशीलता का प्रतीक।
- धर्म चक्र: इन जानवरों के बीच बना चक्र, जिसमें 24 तीलियां हैं। यही चक्र तिरंगे में भी मौजूद है।
राष्ट्रीय आदर्श वाक्य: सत्यमेव जयते
- अशोक स्तंभ के नीचे देवनागरी लिपि में “सत्यमेव जयते” लिखा होता है, जिसका अर्थ है ‘सत्य की ही जीत होती है’।
- यह सूत्र प्राचीन भारतीय ग्रंथ ‘मुंडक उपनिषद’ से लिया गया है।
उपयोग और कानूनी संरक्षण
- राष्ट्रीय प्रतीक का उपयोग सरकारी दस्तावेजों, मुद्रा (नोट और सिक्कों) तथा भारतीय पासपोर्ट पर किया जाता है।
- ‘भारत का राजचिह्न (अनुचित उपयोग का निषेध) अधिनियम, 2005’ के तहत इसका निजी या गैर-कानूनी उपयोग दंडनीय अपराध है।
भारत का राष्ट्रीय पशु कौन सा है?
भारत का राष्ट्रीय पशु बाघ (रॉयल बंगाल टाइगर) है, जिसका वैज्ञानिक नाम पैंथरा टाइग्रिस है। इसे वर्ष 1972 में राष्ट्रीय पशु घोषित किया गया था।
शेर से बाघ तक का सफ़र
- 1972 से पहले भारत का राष्ट्रीय पशु शेर हुआ करता था।
- बाघ को चुनने का मुख्य कारण यह था कि शेर केवल गुजरात के गिर जंगलों तक सीमित थे, जबकि बाघ देश के 16 राज्यों में फैले हुए थे।
- बाघों की घटती संख्या रोकने के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल में 1 अप्रैल 1973 को जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क से ‘प्रोजेक्ट टाइगर’ शुरू किया गया। वर्ष 2023 में इस परियोजना ने 50 वर्ष पूरे किए।
- प्रतिवर्ष 29 जुलाई को ‘विश्व बाघ दिवस’ मनाया जाता है।
पारिस्थितिक महत्व
- बाघ जंगल का सर्वोच्च शिकारी है। बाघों का सुरक्षित रहना इस बात का सूचक है कि हमारे जंगल और पूरा पारिस्थितिकी तंत्र स्वस्थ है।
- हिंदू पौराणिक कथाओं में बाघ देवी दुर्गा का वाहन है।
- ये मुख्यतः मध्य प्रदेश (बांधवगढ़, कान्हा, पेंच), उत्तराखंड के जिम कॉर्बेट, कर्नाटक (बांदीपुर, नागरहोल), पश्चिम बंगाल के सुंदरबन और उत्तर प्रदेश के दुधवा में पाए जाते हैं।
- 2022 की गणना के अनुसार सर्वाधिक 785 बाघ मध्य प्रदेश में हैं, इसलिए इसे लगातार चौथी बार ‘टाइगर स्टेट ऑफ इंडिया’ का दर्जा मिला।
भारत का राष्ट्रीय पक्षी कौन सा है?
भारत का राष्ट्रीय पक्षी भारतीय मोर है, जिसका वैज्ञानिक नाम पावो क्रिस्टाटस है। इसे 1 फरवरी 1963 को राष्ट्रीय पक्षी घोषित किया गया।
- राष्ट्रीय पक्षी के लिए उस समय ‘हंस’ और ‘सारस’ के साथ मोर का कड़ा मुकाबला था, लेकिन पूरे भारत में पाए जाने के कारण मोर को चुना गया।
- हिंदू धर्म में यह भगवान कार्तिकेय (मुरुगन) का वाहन है। भगवान श्रीकृष्ण अपने मुकुट में मोरपंख धारण करते हैं।
- 1972 के वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की ‘अनुसूची-1’ के तहत इसे पूर्ण संरक्षण प्राप्त है।
- मोर का शिकार करना या इसके पंखों का अवैध व्यापार भारत में गैर-जमानती और दंडनीय अपराध है।
भारत का राष्ट्रीय पुष्प कौन सा है?
भारत का राष्ट्रीय पुष्प कमल है, जिसका वैज्ञानिक नाम नेलंबो न्यूसीफेरा है।
- कमल भारतीय दर्शन का जीवंत उदाहरण है। इसकी जड़ें कीचड़ में होती हैं, पर यह सतह पर बिल्कुल बेदाग खिलता है। यह शुद्धता, समृद्धि और ज्ञान का प्रतीक है।
- श्रीमद्भगवद्गीता में कमल का उदाहरण देकर बताया गया है कि मनुष्य को संसार की बुराइयों से उसी तरह अलिप्त रहना चाहिए जैसे पानी में रहकर भी कमल का पत्ता जल से अछूता रहता है।
- देवी सरस्वती और देवी लक्ष्मी, दोनों कमल के आसन (पद्मासन) पर विराजमान होती हैं। हिंदू, बौद्ध और जैन — तीनों धर्मों में इसे पवित्र माना गया है।
- कमल वियतनाम का भी राष्ट्रीय पुष्प है।
- यह हरियाणा, कर्नाटक और जम्मू-कश्मीर का राजकीय पुष्प भी है।
- इसके तने (कमल ककड़ी) और बीजों (मखाना) का उपयोग भोजन और पारंपरिक औषधियों में होता है।
भारत का राष्ट्रीय वृक्ष कौन सा है?
भारत का राष्ट्रीय वृक्ष बरगद है, जिसका वैज्ञानिक नाम फाइकस बंगालेंसिस है।
- यह पेड़ अपनी लंबी आयु (200-250 वर्ष से भी अधिक) और निरंतर फैलने की क्षमता के लिए प्रसिद्ध है।
- इसकी शाखाओं से जड़ें निकलकर वापस ज़मीन में जाती हैं और नए तनों का रूप ले लेती हैं। इन्हें ‘प्रॉप रूट्स’ कहते हैं, यानी सहारा देने वाली जड़ें। इसी कारण इसे कभी न मरने वाला (अमर) पेड़ माना जाता है।
- कोलकाता के आचार्य जगदीश चंद्र बोस बॉटनिकल गार्डन का ‘ग्रेट बनयान ट्री’ लगभग 4.5 एकड़ में फैला है और एक पूरे जंगल जैसा लगता है।
- इसे ‘कल्पवृक्ष’ यानी इच्छाएं पूरी करने वाला वृक्ष भी कहा जाता है।
- सदियों से यह भारतीय ग्रामीण जीवन का केंद्र रहा है, जहाँ पंचायत की बैठकें और यात्रियों का विश्राम इसी की छांव में होता आया है।
भारत का राष्ट्रीय फल कौन सा है?
भारत का राष्ट्रीय फल आम है, जिसका वैज्ञानिक नाम मैंगीफेरा इंडिका है। इसे ‘फलों का राजा’ कहा जाता है।
- भारत में आम की खेती हज़ारों वर्षों से हो रही है। कवि कालिदास ने इसकी प्रशंसा में गीत लिखे, और चीनी यात्री ह्वेनसांग तक इसका स्वाद चखकर मंत्रमुग्ध हो गए थे।
- मुगल बादशाह अकबर ने बिहार के दरभंगा में 1 लाख आम के पेड़ों का बागान लगवाया था, जिसे ‘लाखी बाग’ कहा जाता है।
- भारत में आम की सैकड़ों किस्में हैं — अल्फांसो (महाराष्ट्र), दशहरी (उत्तर प्रदेश), लंगड़ा (उत्तर प्रदेश/बिहार), चौसा और सफेदा सबसे प्रमुख हैं।
भारत की राष्ट्रीय नदी कौन सी है?
भारत की राष्ट्रीय नदी गंगा है, जिसे 4 नवंबर 2008 को यह दर्जा दिया गया।
उद्गम और विस्तार
- गंगा नदी हिमालय के गंगोत्री ग्लेशियर (गोमुख) से भागीरथी के रूप में निकलती है।
- उत्तराखंड के देवप्रयाग में भागीरथी और अलकनंदा के संगम के बाद इसका नाम ‘गंगा’ पड़ता है।
- यह भारत की सबसे लंबी नदी है, जिसकी कुल लंबाई 2525 किलोमीटर है।
वैज्ञानिक और कानूनी तथ्य
- गंगा के पानी में ‘बैक्टीरियोफेज’ नामक एक लाभकारी वायरस पाया जाता है, जो हानिकारक बैक्टीरिया को खा जाता है। इसी कारण गंगा का पानी लंबे समय तक रखने पर भी खराब नहीं होता।
- वर्ष 2017 में उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने गंगा को ‘जीवित इकाई’ (Living Entity) का दर्जा दिया था, हालांकि बाद में सर्वोच्च न्यायालय ने इस आदेश पर रोक लगा दी।
- गंगा की सफाई के लिए 1985 में ‘गंगा एक्शन प्लान’ शुरू हुआ था, और वर्तमान में ‘नमामि गंगे’ कार्यक्रम चल रहा है।
भारत का राष्ट्रीय विरासत पशु कौन सा है?
भारत का राष्ट्रीय विरासत पशु हाथी है, जिसे 22 अक्टूबर 2010 को यह दर्जा दिया गया। इसका वैज्ञानिक नाम एलिफास मैक्सिमस इंडिकस है।
- वर्तमान में हाथी IUCN की रेड लिस्ट में संकटग्रस्त (Endangered) श्रेणी में आते हैं।
- विज्ञान की भाषा में हाथी एक ‘कीस्टोन स्पीशीज’ है, यानी ऐसी प्रजाति जिस पर पूरे पारिस्थितिकी तंत्र का संतुलन टिका होता है। यह बीज फैलाता है और घने जंगलों में रास्ते बनाता है।
- हाथियों को बचाने के लिए भारत सरकार ने वर्ष 1992 में ‘प्रोजेक्ट एलीफेंट’ शुरू किया था।
- भारत में हाथियों की सबसे अधिक संख्या कर्नाटक में है, इसके बाद असम का स्थान आता है।
- हाथी केरल, कर्नाटक और झारखंड का राजकीय पशु भी है।
भारत का राष्ट्रीय जलीय जीव कौन सा है?
भारत का राष्ट्रीय जलीय जीव गंगा नदी डॉल्फिन है, जिसे 5 अक्टूबर 2009 को यह दर्जा दिया गया। इसका वैज्ञानिक नाम प्लैटनिस्टा गैंगेटिका है।
- इसी उपलक्ष्य में प्रतिवर्ष 5 अक्टूबर को ‘राष्ट्रीय डॉल्फिन दिवस’ मनाया जाता है।
- यह डॉल्फिन केवल ताजे और शुद्ध पानी में जीवित रह सकती है। इसलिए किसी नदी में इसकी मौजूदगी उस नदी के स्वस्थ होने का सबसे बड़ा प्राकृतिक सूचक है।
- गंगा नदी डॉल्फिन नेत्रहीन होती है। यह शिकार करने और रास्ता खोजने के लिए ‘इकोलोकेशन’ का उपयोग करती है, यानी ध्वनि तरंगें छोड़कर उनकी गूँज से दिशा पहचानती है। इसकी विशिष्ट आवाज़ के कारण इसे स्थानीय भाषा में ‘सूंस’ (Susu) कहा जाता है।
- यह मुख्य रूप से गंगा, ब्रह्मपुत्र, मेघना और कर्णफूली नदी तंत्र में पाई जाती है।
- बिहार के पटना में डॉल्फिन के लिए राष्ट्रीय अनुसंधान केंद्र बनाया गया है।
- भारत का एकमात्र डॉल्फिन अभयारण्य ‘विक्रमशिला गांगेय डॉल्फिन अभयारण्य’ बिहार के भागलपुर ज़िले में स्थित है।
भारत की राष्ट्रीय मुद्रा कौन सी है?
भारत की राष्ट्रीय मुद्रा भारतीय रुपया है, जिसका अंतरराष्ट्रीय ISO कोड INR है। इसे भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा जारी और नियंत्रित किया जाता है।
इतिहास
- ‘रुपया’ शब्द की उत्पत्ति संस्कृत शब्द ‘रूप्य’ से हुई है, जिसका अर्थ है चांदी का सिक्का।
- इतिहास में पहली बार 16वीं शताब्दी में शेरशाह सूरी ने ‘रुपइया’ नाम से चांदी का सिक्का जारी किया था।
मुद्रा प्रतीक (₹)
- रुपये का आधिकारिक प्रतीक ‘₹’ 15 जुलाई 2010 को अपनाया गया।
- इसका डिज़ाइन IIT बॉम्बे के डी. उदय कुमार ने तैयार किया था।
- यह प्रतीक देवनागरी के अक्षर ‘र’ और रोमन के अक्षर ‘R’ (बिना खड़ी लाइन के) का मिश्रण है।
- ऊपर बनी दो समानांतर रेखाएं तिरंगे का प्रतिनिधित्व करती हैं और अर्थव्यवस्था में ‘समानता एवं संतुलन’ को भी दर्शाती हैं।
भारत का राष्ट्रीय पंचांग कौन सा है?
भारत का राष्ट्रीय पंचांग शक संवत है, जिसे 22 मार्च 1957 को अपनाया गया।
इतिहास
- शक संवत की शुरुआत कुषाण वंश के शासक राजा कनिष्क ने 78 ई. में की थी।
- भारत सरकार ने इसे ग्रेगोरियन कैलेंडर के साथ-साथ सरकारी कामकाज के लिए अपनाया।
- इसका उपयोग ‘भारत के राजपत्र’ (Gazette of India), आकाशवाणी के समाचार प्रसारण और सरकारी कैलेंडरों में होता है।
संरचना
- इसमें भी एक वर्ष में 365 दिन (लीप वर्ष में 366 दिन) होते हैं।
- पहला महीना ‘चैत्र’ और अंतिम महीना ‘फाल्गुन’ होता है।
- सामान्य वर्ष में चैत्र का पहला दिन 22 मार्च को पड़ता है, जबकि लीप वर्ष में 21 मार्च को। इससे दोनों कैलेंडरों के बीच हमेशा तालमेल बना रहता है।
भारत के अनौपचारिक राष्ट्रीय प्रतीक कौन से हैं?
सामान्य ज्ञान की किताबों में पढ़ाए जाने वाले कुछ ‘राष्ट्रीय प्रतीकों’ को भारत सरकार से आधिकारिक मान्यता प्राप्त नहीं है। फिर भी परीक्षाओं में इन्हीं प्रचलित उत्तरों का चयन करना होता है।
भारत का राष्ट्रीय खेल कौन सा है?
प्रचलित उत्तर हॉकी है, पर आधिकारिक रूप से भारत का कोई राष्ट्रीय खेल घोषित नहीं है।
- मेजर ध्यानचंद के स्वर्णिम युग और ओलंपिक में मिले 8 स्वर्ण पदकों के कारण हॉकी को लोगों के दिलों में ‘राष्ट्रीय खेल’ का दर्जा प्राप्त है।
- खेल मंत्रालय ने कई RTI के जवाब में स्पष्ट किया है कि सरकार ने कानूनी रूप से किसी भी खेल को ‘राष्ट्रीय खेल’ घोषित नहीं किया है।
- परीक्षा के लिए: प्रश्न आने पर उत्तर के रूप में ‘हॉकी’ का ही चयन करें।
भारत की राष्ट्रीय भाषा कौन सी है?
भारत की कोई राष्ट्रीय भाषा नहीं है। यह प्रश्न परीक्षाओं में बहुत पूछा जाता है, इसलिए इसे साफ़ समझ लेना ज़रूरी है।
- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 343 के तहत केंद्र सरकार के कामकाज के लिए ‘हिंदी (देवनागरी लिपि में)’ को ‘राजभाषा’ का दर्जा दिया गया है। अंग्रेजी का भी सह-राजभाषा के रूप में उपयोग होता है।
- राजभाषा और राष्ट्रभाषा में यही अंतर है — राजभाषा सरकारी कामकाज की भाषा होती है, राष्ट्रभाषा पूरे देश की।
- संविधान की आठवीं अनुसूची में वर्तमान में 22 भाषाओं को मान्यता दी गई है।
भारत का राष्ट्रीय सरीसृप कौन सा है?
प्रचलित उत्तर किंग कोबरा है, पर सरकार ने ‘राष्ट्रीय सरीसृप’ नाम की कोई श्रेणी अधिसूचित नहीं की है।
- भारतीय संस्कृति में सांपों के आध्यात्मिक महत्व और पारिस्थितिकी तंत्र में उपयोगिता के कारण किंग कोबरा को यह दर्जा माना जाता है।
- परीक्षा के लिए: प्रश्न आने पर ‘किंग कोबरा’ को ही सही उत्तर मानें।
भारत की राष्ट्रीय सब्जी कौन सी है?
प्रचलित उत्तर कद्दू है, पर सरकारी दस्तावेजों में किसी सब्जी को यह दर्जा प्राप्त नहीं है।
- कद्दू भारत के लगभग हर हिस्से में बिना विशेष देखभाल के आसानी से उग जाता है। इसी सर्वसुलभता के कारण इसे राष्ट्रीय सब्जी मान लिया गया है।
- परीक्षा के लिए: प्रश्न आने पर ‘कद्दू’ को ही सही उत्तर मानें।
निष्कर्ष
भारत के राष्ट्रीय प्रतीक केवल सरकारी चिह्न नहीं हैं, बल्कि हमारे गौरवशाली अतीत, सांस्कृतिक विविधता और ‘अनेकता में एकता’ के सजीव प्रमाण हैं। तिरंगे का त्याग, अशोक स्तंभ का ‘सत्यमेव जयते’ और बरगद की विशालता — ये सभी हमें अपनी जड़ों से जुड़े रहकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
परीक्षा की दृष्टि से सबसे ज़रूरी बात यह याद रखना है कि आधिकारिक प्रतीक 14 हैं, और राष्ट्रीय खेल, राष्ट्रीय भाषा, राष्ट्रीय सरीसृप तथा राष्ट्रीय सब्जी इनमें शामिल नहीं हैं। ऊपर दी गई सारांश तालिका रिवीजन के समय एक बार अवश्य दोहराएँ।
स्रोत एवं संदर्भ
इस लेख की जानकारी निम्नलिखित आधिकारिक स्रोतों से सत्यापित की गई है:
- भारत सरकार का राष्ट्रीय पोर्टल — राष्ट्रीय पहचान के तत्व
- गृह मंत्रालय — भारतीय ध्वज संहिता
- पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
- भारतीय रिज़र्व बैंक
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