Karnataka Map 2026: कर्नाटक का नक्शा, 31 जिले HD PDF

कर्नाटक भारत के दक्षिण-पश्चिमी भाग में स्थित एक राज्य है। इसके पश्चिम में अरब सागर है और बाकी तीन ओर से यह छह राज्यों से घिरा हुआ है। वर्ष 2026 में कर्नाटक में कुल 31 जिले और 4 प्रशासनिक मंडल हैं। राज्य की राजधानी बेंगलुरु है। 1 नवंबर 1973 से पहले इसी राज्य को मैसूर राज्य कहा जाता था।

अगर आप UPSC, KAS, SSC, रेलवे या किसी राज्य स्तरीय परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो कर्नाटक का नक्शा (Karnataka Map in Hindi) आपके बहुत काम आएगा। इस लेख में कर्नाटक के छह नक्शे दिए गए हैं। सबसे पहले राज्य का राजनीतिक नक्शा है, उसके बाद 31 जिलों वाला जिला मानचित्र और फिर भारत के नक्शे में कर्नाटक की स्थिति। आगे 4 प्रशासनिक मंडलों का नक्शा, मंडल और जिलों का संयुक्त नक्शा तथा अक्षांश-देशांतर विस्तार वाला नक्शा भी है। हर नक्शे के नीचे HD इमेज और PDF डाउनलोड करने का बटन दिया गया है।

ये सभी नक्शे gkgsnotes.com की टीम ने Survey of India के सीमा आंकड़ों के आधार पर खुद तैयार किए हैं। इन्हें कहीं और से कॉपी नहीं किया गया है।

अंतिम अपडेट: सितंबर 2026। इस लेख को बेंगलुरु दक्षिण (पुराना रामनगर) जिले के नए नाम, जिलों के ताज़ा आंकड़ों और बेंगलुरु ग्रामीण जिले के प्रस्तावित नए नाम की जानकारी के साथ अपडेट किया गया है।

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कर्नाटक का राजनीतिक नक्शा (Karnataka Political Map) 2026

Karnataka Map in Hindi HD PDF Download 2026 - कर्नाटक का नक्शा
कर्नाटक का राजनीतिक नक्शा 2026: सभी 31 जिले, उनके मुख्यालय और छह पड़ोसी राज्यों की सीमाएं

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राजनीतिक नक्शा (Political Map) उस नक्शे को कहते हैं जिसमें पहाड़ और नदियों जैसी प्राकृतिक चीज़ों के बजाय सरकार द्वारा तय की गई सीमाएं दिखाई जाती हैं। जैसे राज्य की सीमा, जिलों की सीमा और जिला मुख्यालय। ऊपर दिए गए Karnataka Political Map में कर्नाटक के सभी 31 जिलों की सीमाएं और उनके मुख्यालय साफ़ दिखाई देते हैं। साथ ही महाराष्ट्र, गोवा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल के साथ लगने वाली सीमा और पश्चिम में अरब सागर का तट भी दिखाया गया है।

परीक्षा में अक्सर पूछा जाता है कि कर्नाटक का कौन-सा जिला किस राज्य से सटा हुआ है। इस नक्शे को दो-तीन बार ध्यान से देख लेने पर यह बात आसानी से याद हो जाती है।

कर्नाटक से जुड़े ज़रूरी भौगोलिक तथ्य

कर्नाटक राज्य का गठन 1 नवंबर 1956 को राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 के तहत हुआ था। उस समय इसका नाम मैसूर राज्य था। 1 नवंबर 1973 को इसका नाम बदलकर कर्नाटक रखा गया। इसी वजह से हर साल 1 नवंबर को कर्नाटक में “राज्योत्सव” मनाया जाता है।

अंग्रेज़ी में Karnataka लिखे जाने वाले इस नाम को हिंदी में “कर्नाटक” लिखा जाता है। माना जाता है कि यह नाम कन्नड़ के दो शब्दों “करु” (ऊँचा) और “नाडु” (भूमि या देश) से बना है। इसका अर्थ हुआ “ऊँची भूमि”। यह नाम ठीक बैठता है, क्योंकि राज्य का बड़ा हिस्सा दक्कन के पठार पर है। पठार का मतलब है ऐसी ऊँची ज़मीन जिसका ऊपरी भाग लगभग समतल हो।

क्षेत्रफल की दृष्टि से कर्नाटक भारत का छठा सबसे बड़ा राज्य है। 2011 की जनगणना के अनुसार जनसंख्या में इसका स्थान आठवां है। राजधानी बेंगलुरु जनसंख्या के हिसाब से देश के सबसे बड़े शहरों में गिना जाता है और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) उद्योग के कारण इसे “भारत की सिलिकॉन वैली” कहा जाता है। पश्चिम में कर्नाटक को लगभग 320 किलोमीटर लंबा समुद्री तट मिला है, जिसे करावली तट या कनारा तट कहते हैं।

कर्नाटक के पड़ोसी राज्य और सीमा से लगे जिले

कर्नाटक की सीमा छह राज्यों से लगती है। नीचे की तालिका में देखिए कि किस पड़ोसी राज्य से कर्नाटक के कौन-से जिले सटे हुए हैं।

पड़ोसी राज्य (दिशा)सीमा से लगे कर्नाटक के जिले
महाराष्ट्र (उत्तर)बीदर, कलबुर्गी (गुलबर्गा), विजयपुरा (बीजापुर), बेलगावी (बेलगाम)
गोवा (उत्तर-पश्चिम)बेलगावी (बेलगाम), उत्तर कन्नड़
तेलंगाना (उत्तर-पूर्व)बीदर, कलबुर्गी (गुलबर्गा), यादगीर, रायचूर
आंध्र प्रदेश (पूर्व)रायचूर, बल्लारी, चित्रदुर्ग, तुमकुरु, चिक्काबल्लापुर, कोलार
तमिलनाडु (दक्षिण-पूर्व)कोलार, बेंगलुरु ग्रामीण, बेंगलुरु शहरी, बेंगलुरु दक्षिण, चामराजनगर
केरल (दक्षिण-पश्चिम)दक्षिण कन्नड़, कोडागु (कुर्ग), मैसूरु, चामराजनगर
अरब सागर (पश्चिम)उत्तर कन्नड़, उडुपी, दक्षिण कन्नड़

इस तालिका से एक दिलचस्प बात निकलती है। कर्नाटक के 31 में से 19 जिले किसी न किसी दूसरे राज्य से सीमा बनाते हैं, यानी आधे से ज़्यादा जिले सीमावर्ती हैं। इनमें से छह जिले ऐसे हैं जो एक साथ दो-दो राज्यों को छूते हैं। बीदर और कलबुर्गी महाराष्ट्र और तेलंगाना दोनों से सटे हैं। बेलगावी की सीमा महाराष्ट्र और गोवा से लगती है। रायचूर तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के बीच है, जबकि कोलार आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु दोनों को छूता है। चामराजनगर इकलौता ऐसा जिला है जो तमिलनाडु और केरल दोनों से सीमा बनाता है, और यह सवाल परीक्षा में पूछा भी जा सकता है।

कर्नाटक का जिला मानचित्र (Karnataka District Map) 2026

Latest Karnataka District Map with 31 Districts - कर्नाटक का जिला मानचित्र
कर्नाटक के 31 जिलों और उनके मुख्यालयों का नवीनतम HD मानचित्र (बेंगलुरु दक्षिण जिले सहित)

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कर्नाटक में कितने जिले हैं? (2026)

वर्ष 2026 में कर्नाटक में कुल 31 जिले हैं। राज्य का सबसे नया जिला विजयनगर है, जिसे बल्लारी जिले से अलग करके बनाया गया। इसका मुख्यालय होसपेटे (होसपेट) में है। मई 2025 में रामनगर जिले का नाम बदलकर बेंगलुरु दक्षिण कर दिया गया, लेकिन इससे जिलों की कुल संख्या पर कोई असर नहीं पड़ा।

विजयनगर जिले के गठन की अधिसूचना 8 फरवरी 2021 को जारी हुई थी और अक्टूबर 2021 में इसका औपचारिक उद्घाटन हुआ। अधिसूचना का मतलब है सरकार की ओर से जारी वह आधिकारिक आदेश जो सरकारी राजपत्र (Gazette) में छपता है। नए जिले में होसपेटे, कुडलिगी, हगरीबोम्मनहल्ली, कोट्टूरु, हूविना हडगली और हरपनहल्ली, ये छह तालुक शामिल किए गए। तालुक को आप उत्तर प्रदेश की तहसील जैसा समझ सकते हैं। विश्व धरोहर स्थल हम्पी अब इसी विजयनगर जिले में आता है।

बेंगलुरु दक्षिण जिले के बारे में भी थोड़ा जान लीजिए। कर्नाटक सरकार के राजस्व विभाग ने 23 मई 2025 को अधिसूचना जारी करके रामनगर जिले का नाम बेंगलुरु दक्षिण कर दिया। जिले का मुख्यालय पहले की तरह रामनगर शहर ही है और इसमें रामनगर, चन्नपटना, मागडी, कनकपुरा और हारोहल्ली तालुक आते हैं। इसी तरह जुलाई 2025 में राज्य मंत्रिमंडल ने बेंगलुरु ग्रामीण जिले का नाम “बेंगलुरु उत्तर” करने को मंजूरी दी थी। जिले की आधिकारिक वेबसाइट पर अभी भी बेंगलुरु ग्रामीण नाम ही दिखाई देता है, इसलिए इस लेख और नक्शे में फिलहाल यही नाम रखा गया है।

क्षेत्रफल में कर्नाटक का सबसे बड़ा जिला बेलगावी है, जो लगभग 13,433 वर्ग किलोमीटर में फैला है। सबसे छोटा जिला बेंगलुरु शहरी है, जिसका क्षेत्रफल लगभग 2,190 वर्ग किलोमीटर है। मज़ेदार बात यह है कि क्षेत्रफल में सबसे छोटा होते हुए भी बेंगलुरु शहरी जनसंख्या में सबसे बड़ा जिला है। दूसरी ओर पहाड़ियों और कॉफी बागानों वाला कोडागु (कुर्ग) राज्य का सबसे कम जनसंख्या वाला जिला है।

कर्नाटक में जिलों की संख्या कैसे बढ़ी

1956 में जब राज्य बना, तब इसमें 19 जिले थे। प्रशासन को आसान बनाने और लोगों को जिला मुख्यालय तक पहुँचने में होने वाली परेशानी कम करने के लिए समय-समय पर नए जिले बनाए गए।

वर्षक्या बदलाव हुआकुल जिले
1956मैसूर राज्य का गठन19
1986बेंगलुरु जिले को बेंगलुरु शहरी और बेंगलुरु ग्रामीण में बाँटा गया20
1997उडुपी, कोप्पल, गदग, चामराजनगर, दावणगेरे, बागलकोट और हावेरी, ये सात नए जिले बने27
2007रामनगर (अब बेंगलुरु दक्षिण) और चिक्काबल्लापुर जिले बने29
2009कलबुर्गी से अलग होकर यादगीर जिला बना30
2021बल्लारी से अलग होकर विजयनगर जिला बना31

कर्नाटक के 31 जिलों की सूची (मुख्यालय, स्थापना वर्ष और क्षेत्रफल)

नीचे सभी 31 जिलों के वर्तमान नाम दिए गए हैं। जिन जिलों के नाम बदले गए हैं, उनके पुराने नाम ब्रैकेट में लिखे हैं ताकि पुरानी किताबें पढ़ने वाले छात्रों को भ्रम न हो।

क्र.सं.जिलामुख्यालयस्थापना वर्षक्षेत्रफल (वर्ग किमी, लगभग)
1उत्तर कन्नड़कारवार195610,291
2कलबुर्गी (गुलबर्गा)कलबुर्गी195610,951
3कोडागु (कुर्ग)मडिकेरी19564,102
4कोलारकोलार19563,969
5चिक्कमगलूरु (चिकमगलूर)चिक्कमगलूरु19567,201
6चित्रदुर्गचित्रदुर्ग19568,440
7तुमकुरु (तुमकूर)तुमकुरु195610,598
8दक्षिण कन्नड़मंगलुरु (मैंगलोर)19564,559
9धारवाड़धारवाड़19564,260
10बल्लारी (बेल्लारी)बल्लारी19564,252
11बीदरबीदर19565,448
12बेलगावी (बेलगाम)बेलगावी195613,433
13मांड्यामांड्या19564,961
14मैसूरु (मैसूर)मैसूरु19566,854
15रायचूररायचूर19568,386
16विजयपुरा (बीजापुर)विजयपुरा195610,541
17शिवमोग्गा (शिमोगा)शिवमोग्गा19568,477
18हासनहासन19566,826
19बेंगलुरु ग्रामीण (बैंगलोर ग्रामीण)देवनहल्ली19862,298
20बेंगलुरु शहरी (बैंगलोर शहरी)बेंगलुरु19862,190
21उडुपीउडुपी19973,880
22कोप्पलकोप्पल19975,569
23गदगगदग19974,657
24चामराजनगरचामराजनगर19975,101
25दावणगेरेदावणगेरे19974,460
26बागलकोटबागलकोट19976,575
27हावेरीहावेरी19974,851
28चिक्काबल्लापुरचिक्काबल्लापुर20074,244
29बेंगलुरु दक्षिण (रामनगर)रामनगर20073,556
30यादगीरयादगीर20095,234
31विजयनगरहोसपेटे (होसपेट)20215,644

ध्यान दें कि हरपनहल्ली तालुक पहले दावणगेरे जिले में था। बाद में इसे फिर से बल्लारी जिले में जोड़ा गया और 2021 में यह विजयनगर जिले का हिस्सा बन गया। इसी कारण दावणगेरे का वर्तमान क्षेत्रफल पुरानी किताबों में लिखे आंकड़े से कम है। क्षेत्रफल के आंकड़े सरकारी स्रोतों पर आधारित अनुमानित आंकड़े हैं और अलग-अलग स्रोतों में थोड़ा अंतर हो सकता है।

2014 में बदले गए कर्नाटक के शहरों के नाम

शहरों के अंग्रेज़ी ढंग से बिगड़े हुए नामों को उनके असली कन्नड़ उच्चारण के करीब लाने का प्रस्ताव 2006 में राज्य गठन की स्वर्ण जयंती (50 वर्ष पूरे होने) पर रखा गया था। केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने के बाद 1 नवंबर 2014 से कर्नाटक के 12 शहरों के नए नाम लागू हुए। इनमें से कई शहर जिला मुख्यालय भी हैं, इसलिए जिलों के नाम भी इन्हीं के अनुसार लिखे जाने लगे।

पुराना नामनया नामकिस बात के लिए जाना जाता है
बैंगलोरबेंगलुरुराज्य की राजधानी, IT उद्योग का सबसे बड़ा केंद्र
मैसूरमैसूरुमैसूर पैलेस, दशहरा उत्सव, मैसूर सिल्क और चंदन
मैंगलोरमंगलुरुदक्षिण कन्नड़ जिले का मुख्यालय, न्यू मंगलुरु बंदरगाह
बेलगामबेलगावीसुवर्ण विधान सौध, जहाँ विधानमंडल का शीतकालीन सत्र होता है
गुलबर्गाकलबुर्गीबहमनी सल्तनत की शुरुआती राजधानी, ख्वाजा बंदा नवाज़ की दरगाह
बीजापुरविजयपुराआदिलशाही राजधानी, गोल गुम्बज
शिमोगाशिवमोग्गाजोग जलप्रपात (शरावती नदी पर)
बेल्लारीबल्लारीलौह अयस्क का खनन
तुमकुरतुमकुरुबेंगलुरु के पास स्थित औद्योगिक शहर
चिकमगलूरचिक्कमगलूरुभारत में कॉफी की खेती की शुरुआत, मुल्लयनगिरि चोटी
हॉस्पेटहोसपेटेविजयनगर जिले का मुख्यालय, तुंगभद्रा बाँध, हम्पी के पास
हुबलीहुब्बल्लीधारवाड़ जिले का प्रमुख शहर, दक्षिण पश्चिम रेलवे का मुख्यालय

इनमें से कुछ शहरों के बारे में थोड़ा और जानना परीक्षा के लिहाज़ से फायदेमंद है। विजयपुरा का गोल गुम्बज, आदिलशाही सुल्तान मुहम्मद आदिल शाह का मकबरा है और इसे दुनिया के सबसे बड़े गुंबदों में गिना जाता है। इसकी “व्हिस्परिंग गैलरी” में एक ओर धीरे से कही गई बात दूसरी ओर साफ़ सुनाई देती है। बेलगावी में हर साल विधानमंडल का शीतकालीन सत्र होता है, इसलिए इसे अनौपचारिक रूप से राज्य की “दूसरी राजधानी” भी कह दिया जाता है, हालांकि ऐसा कोई आधिकारिक दर्जा नहीं है। शिवमोग्गा जिले का जोग जलप्रपात भारत के सबसे ऊँचे जलप्रपातों में से एक है और बरसात में यह सबसे सुंदर दिखता है।

2014 के बाद भी नाम बदलने का सिलसिला रुका नहीं है। 2025 में रामनगर जिला “बेंगलुरु दक्षिण” बना और मंत्रिमंडल ने बेंगलुरु ग्रामीण को “बेंगलुरु उत्तर” बनाने को भी मंजूरी दी, जिसकी जानकारी ऊपर दी गई है।

कर्नाटक कहाँ है? भारत के नक्शे में कर्नाटक की स्थिति (Karnataka in India Map)

Location of Karnataka in India Map - भारत के नक्शे में कर्नाटक की स्थिति
भारत के नक्शे में कर्नाटक की स्थिति और उसके पड़ोसी राज्य

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कर्नाटक दक्षिण भारत का राज्य है, जो देश के दक्षिण-पश्चिमी भाग में अरब सागर के किनारे बसा है। इसके उत्तर में महाराष्ट्र, उत्तर-पश्चिम में गोवा, पूर्व में तेलंगाना और आंध्र प्रदेश, दक्षिण-पूर्व में तमिलनाडु और दक्षिण-पश्चिम में केरल है। राज्य का अधिकांश भाग दक्कन के पठार पर स्थित है और इसकी राजधानी बेंगलुरु है।

इंटरनेट पर बहुत से लोग पूछते हैं कि “कर्नाटक किस राज्य में है”। इसका सीधा जवाब है कि कर्नाटक खुद भारत का एक पूर्ण राज्य है, यह किसी दूसरे राज्य का हिस्सा नहीं है। ऊपर दिया गया नक्शा पूरे भारत के नक्शे में कर्नाटक की जगह दिखाता है। इसे देखकर समझ आता है कि कर्नाटक पश्चिमी तट के राज्यों (गोवा, केरल) और दक्कन के भीतरी राज्यों (तेलंगाना, आंध्र प्रदेश) के बीच एक पुल जैसा है।

कर्नाटक का प्रशासनिक मंडल मानचित्र (Karnataka Division Map)

4 Administrative Divisions of Karnataka Map - कर्नाटक के 4 प्रशासनिक मंडल
कर्नाटक के 4 प्रशासनिक मंडलों का रंगीन मानचित्र

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मंडल (Division) कई जिलों को मिलाकर बनी एक बड़ी प्रशासनिक इकाई होती है। हर मंडल का प्रमुख अधिकारी प्रादेशिक आयुक्त (Regional Commissioner) होता है, जो अपने मंडल के जिलों के कामकाज पर नज़र रखता है। कर्नाटक के 31 जिलों को चार मंडलों में बाँटा गया है, जिनके नाम बेंगलुरु मंडल, मैसूरु मंडल, बेलगावी मंडल और कलबुर्गी मंडल हैं। चारों मंडलों के मुख्यालय उन्हीं शहरों में हैं जिनके नाम पर मंडल का नाम रखा गया है।

ऊपर के नक्शे में हर मंडल को अलग रंग से दिखाया गया है। मोटे तौर पर याद रखें कि बेलगावी मंडल उत्तर-पश्चिम में, कलबुर्गी मंडल उत्तर-पूर्व में, बेंगलुरु मंडल बीच और दक्षिण-पूर्व में, तथा मैसूरु मंडल दक्षिण-पश्चिम में तट की ओर है।

कर्नाटक के मंडल और जिलों का संयुक्त मानचित्र (Karnataka Divisions and Districts Map)

Karnataka Divisions and Districts Map HD PDF - कर्नाटक के मंडल और जिलों का मानचित्र
कौन-सा जिला किस मंडल में आता है, यह दिखाने वाला संयुक्त मानचित्र

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यह नक्शा ऊपर के दोनों नक्शों को मिलाकर बनाया गया है, ताकि एक ही नज़र में दिख जाए कि कौन-सा जिला किस मंडल के अंदर है। बेंगलुरु मंडल में सबसे ज़्यादा 9 जिले हैं और राजधानी के कारण जनसंख्या में भी यही सबसे बड़ा मंडल है। क्षेत्रफल में सबसे बड़ा मंडल बेलगावी है, जो लगभग 54,600 वर्ग किलोमीटर में फैला है। इसकी बड़ी वजह यह है कि राज्य का सबसे बड़ा जिला बेलगावी और उत्तर कन्नड़, विजयपुरा जैसे बड़े जिले इसी मंडल में आते हैं।

प्रशासनिक मंडलकुल जिलेइस मंडल के जिले
बेंगलुरु मंडल9बेंगलुरु शहरी, बेंगलुरु ग्रामीण, बेंगलुरु दक्षिण, चिक्काबल्लापुर, कोलार, तुमकुरु, चित्रदुर्ग, दावणगेरे, शिवमोग्गा
मैसूरु मंडल8मैसूरु, चामराजनगर, मांड्या, हासन, चिक्कमगलूरु, कोडागु, दक्षिण कन्नड़, उडुपी
बेलगावी मंडल7बेलगावी, बागलकोट, विजयपुरा, धारवाड़, गदग, हावेरी, उत्तर कन्नड़
कलबुर्गी मंडल7कलबुर्गी, बीदर, यादगीर, रायचूर, कोप्पल, बल्लारी, विजयनगर

कर्नाटक के पाँच प्रमुख भौगोलिक और सांस्कृतिक क्षेत्र

प्रशासन के लिए कर्नाटक चार मंडलों में बँटा है, लेकिन भूगोल, इतिहास और संस्कृति के आधार पर इसे आम तौर पर पाँच क्षेत्रों में समझा जाता है। इनमें से कल्याण-कर्नाटक को छोड़ बाकी क्षेत्रों की सीमाएं आधिकारिक नहीं, बल्कि परंपरा से चली आ रही हैं।

1. तटीय कर्नाटक (करावली)

अरब सागर और पश्चिमी घाट के बीच की पतली मैदानी पट्टी को करावली कहा जाता है। दक्षिण कन्नड़, उडुपी और उत्तर कन्नड़, ये तीन जिले इसी क्षेत्र में आते हैं। मानसून की हवाएं सीधे पश्चिमी घाट से टकराती हैं, इसलिए यहाँ बहुत भारी वर्षा होती है और कई जगह सालाना बारिश 3,000 मिलीमीटर से भी ज़्यादा हो जाती है।

यहाँ के लोग मछली पकड़ने, नारियल, काजू और सुपारी की खेती से जुड़े हैं। मंगलुरु बंदरगाह इसी तट पर है। तुलु, कोंकणी और कन्नड़ भाषाएं यहाँ साथ-साथ बोली जाती हैं।

2. मलनाड (पहाड़ी क्षेत्र)

कन्नड़ में मलनाड का अर्थ है “पहाड़ियों का देश”। तटीय पट्टी के ठीक पूर्व में पश्चिमी घाट (सह्याद्रि) के घने जंगलों वाला यह इलाका शिवमोग्गा, चिक्कमगलूरु, हासन और कोडागु जिलों में फैला है। उत्तर कन्नड़ का पूर्वी भाग भी मलनाड जैसा ही है।

कर्नाटक देश में सबसे ज़्यादा कॉफी पैदा करता है और इसका बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से आता है। काली मिर्च और इलायची जैसे मसाले भी यहाँ खूब उगते हैं। अपनी हरियाली और ठंडे मौसम के कारण कोडागु को “भारत का स्कॉटलैंड” कहा जाता है।

3. कल्याण-कर्नाटक (पहले हैदराबाद-कर्नाटक)

राज्य का उत्तर-पूर्वी भाग कल्याण-कर्नाटक कहलाता है, जिसमें कलबुर्गी, बीदर, यादगीर, रायचूर, कोप्पल, बल्लारी और विजयनगर जिले आते हैं। बल्लारी-विजयनगर इलाके को छोड़ इसका अधिकतर हिस्सा आज़ादी से पहले हैदराबाद के निज़ाम के शासन में था, जो 1948 में “ऑपरेशन पोलो” के बाद भारत में शामिल हुआ। 2019 में इसका नाम हैदराबाद-कर्नाटक से बदलकर कल्याण-कर्नाटक रखा गया।

यह कम बारिश वाला अर्ध-शुष्क क्षेत्र है, जहाँ तुअर (अरहर) और ज्वार की खेती ज़्यादा होती है। विकास में पिछड़े होने के कारण 98वें संविधान संशोधन (2012) से जोड़े गए अनुच्छेद 371(J) के तहत इस क्षेत्र को विशेष प्रावधान मिले हैं, जैसे शिक्षा और सरकारी नौकरियों में स्थानीय लोगों के लिए आरक्षण।

4. कित्तूर-कर्नाटक (पहले बॉम्बे-कर्नाटक)

उत्तर-पश्चिमी कर्नाटक के बेलगावी, बागलकोट, विजयपुरा, धारवाड़, गदग और हावेरी जिले इस क्षेत्र में आते हैं। आज़ादी से पहले यह इलाका बॉम्बे प्रेसीडेंसी का हिस्सा था। 2021 में अंग्रेज़ों से लोहा लेने वाली कित्तूर की रानी चेन्नम्मा के सम्मान में इसका नाम कित्तूर-कर्नाटक रखा गया।

यहाँ की काली मिट्टी में कपास और गन्ने की अच्छी खेती होती है। महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच चला आ रहा सीमा विवाद भी मुख्य रूप से बेलगावी जिले से जुड़ा है।

5. दक्षिण कर्नाटक (पुराना मैसूर क्षेत्र)

राज्य के दक्षिणी और मध्य पठारी भाग को पुराना मैसूर क्षेत्र कहा जाता है, क्योंकि यह वाडियार राजवंश की मैसूर रियासत का हिस्सा था। बेंगलुरु शहरी, बेंगलुरु ग्रामीण, बेंगलुरु दक्षिण, मैसूरु, मांड्या, चामराजनगर, चिक्काबल्लापुर, कोलार, तुमकुरु, चित्रदुर्ग और दावणगेरे जिले इसमें गिने जाते हैं।

आर्थिक रूप से यह राज्य का सबसे विकसित इलाका है। बेंगलुरु का IT उद्योग, मैसूर का रेशम और चंदन, और मांड्या के गन्ने के खेत, सब इसी क्षेत्र की पहचान हैं।

परीक्षा में एक भ्रम से बचें। इतिहास की किताबों में जिस “कर्नाटिक क्षेत्र” (Carnatic region) और कर्नाटिक युद्धों की बात आती है, वह आज के कर्नाटक राज्य में नहीं, बल्कि पूर्वी घाट और बंगाल की खाड़ी के बीच के उस तटीय मैदान में था जो आज मुख्य रूप से तमिलनाडु में है।

कर्नाटक का अक्षांशीय और देशांतरीय विस्तार मानचित्र

Karnataka Latitudinal and Longitudinal Extent Map - कर्नाटक का अक्षांशीय और देशांतरीय विस्तार
कर्नाटक का अक्षांशीय और देशांतरीय विस्तार तथा चारों दिशाओं के अंतिम जिले

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अक्षांश (Latitude) पृथ्वी पर भूमध्य रेखा से उत्तर या दक्षिण की दूरी बताते हैं, जबकि देशांतर (Longitude) किसी जगह की पूर्व-पश्चिम स्थिति बताते हैं। किसी राज्य का अक्षांश-देशांतर जान लेने से उसकी जलवायु और सही भौगोलिक स्थिति समझना आसान हो जाता है। कर्नाटक पूरी तरह कर्क रेखा के दक्षिण में है, इसलिए यहाँ का अधिकतर भाग उष्णकटिबंधीय (गर्म) जलवायु वाला है।

विवरणआंकड़ा
अक्षांशीय विस्तार11°30′ उत्तरी अक्षांश से 18°30′ उत्तरी अक्षांश तक
देशांतरीय विस्तार74° पूर्वी देशांतर से 78°30′ पूर्वी देशांतर तक
उत्तर से दक्षिण लंबाईलगभग 750 किलोमीटर
पूर्व से पश्चिम चौड़ाईलगभग 400 किलोमीटर
कुल क्षेत्रफल1,91,791 वर्ग किलोमीटर (भारत के कुल क्षेत्रफल का लगभग 5.83%)
सबसे उत्तरी जिलाबीदर
सबसे दक्षिणी जिलाचामराजनगर
सबसे पूर्वी जिलाकोलार
सबसे पश्चिमी जिलाउत्तर कन्नड़

राज्य की सबसे ऊँची चोटी मुल्लयनगिरि है, जो चिक्कमगलूरु जिले की बाबा बुदनगिरि पहाड़ियों में है और लगभग 1,930 मीटर ऊँची है। कावेरी, कृष्णा और तुंगभद्रा यहाँ की प्रमुख नदियाँ हैं। कावेरी पर बना कृष्णराज सागर (KRS) बाँध, तुंगभद्रा बाँध और कृष्णा नदी पर बना अलमट्टी बाँध राज्य के सबसे महत्वपूर्ण बाँधों में गिने जाते हैं।

ये नक्शे कैसे बनाए गए?

इस लेख के सभी नक्शे gkgsnotes.com के संस्थापक और भूगोल में M.A. नितिन तिवारी ने खुद तैयार किए हैं। राज्य और जिलों की सीमाओं का डेटा भारत सरकार की आधिकारिक मानचित्रण संस्था Survey of India से लिया गया है। इस डेटा को QGIS नाम के मैपिंग सॉफ्टवेयर में तैयार किया गया और फिर Adobe Illustrator में जिलों के नाम, मुख्यालय, रंग और हिंदी लेबल जोड़े गए। एक विस्तृत राजनीतिक नक्शा बनाने में कई दिन लगते हैं, क्योंकि हर जिले का नाम और सीमा अलग से जाँची जाती है।

नक्शों में भारत की बाहरी सीमाएं और राज्यों की सीमाएं Survey of India के अनुसार हैं। बेलगावी जैसे सीमा विवाद वाले क्षेत्रों को भी आधिकारिक सीमा के अनुसार ही दिखाया गया है। रामनगर जिले का नाम बदलने के बाद नक्शे में “बेंगलुरु दक्षिण” नाम अपडेट किया जा चुका है। इन नक्शों के उपयोग से जुड़ी शर्तें आप हमारे Image License पेज पर पढ़ सकते हैं।

कर्नाटक एक नज़र में

विशेषताविवरण
स्थापना दिवस1 नवंबर 1956 (राज्य पुनर्गठन अधिनियम के तहत)
पुराना नाममैसूर राज्य (1 नवंबर 1973 को नाम बदलकर कर्नाटक)
राजधानीबेंगलुरु
कुल क्षेत्रफल1,91,791 वर्ग किलोमीटर (भारत में छठा स्थान)
कुल जनसंख्यालगभग 6.11 करोड़ (जनगणना 2011, भारत में आठवां स्थान)
साक्षरता दर75.36% (जनगणना 2011)
जनसंख्या घनत्व319 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर
कुल जिले31 (सबसे नया जिला: विजयनगर)
प्रशासनिक मंडल4 (बेंगलुरु, मैसूरु, बेलगावी, कलबुर्गी)
पड़ोसी राज्य6 (महाराष्ट्र, गोवा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल)
तटरेखालगभग 320 किलोमीटर (अरब सागर)
सबसे ऊँची चोटीमुल्लयनगिरि (लगभग 1,930 मीटर, चिक्कमगलूरु)
राजकीय पशुभारतीय हाथी
राजकीय पक्षीनीलकंठ (इंडियन रोलर)
राजकीय वृक्षचंदन
राजकीय पुष्पकमल
राजभाषाकन्नड़
विधानमंडलद्विसदनीय (विधानसभा और विधान परिषद)
विधानसभा सीटें224
विधान परिषद सीटें75
लोकसभा सीटें28
राज्यसभा सीटें12
उच्च न्यायालयकर्नाटक हाईकोर्ट, बेंगलुरु (पीठ: धारवाड़ और कलबुर्गी)
प्रमुख नदियाँकावेरी, कृष्णा, तुंगभद्रा, शरावती, नेत्रावती, भद्रा
प्रमुख बंदरगाहन्यू मंगलुरु बंदरगाह
यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलहम्पी, पट्टदकल, होयसल मंदिर (बेलूर, हलेबीडु, सोमनाथपुर)
अन्य प्रसिद्ध स्थलमैसूर पैलेस, गोल गुम्बज, जोग जलप्रपात, बादामी
प्रमुख उद्योगIT और सॉफ्टवेयर, जैव प्रौद्योगिकी, रेशम, चंदन, खनन
प्रमुख कृषि उत्पादकॉफी (देश में सबसे अधिक उत्पादन), रागी, ज्वार, धान, गन्ना, कपास

निष्कर्ष

कर्नाटक का नक्शा पढ़ते समय सबसे पहले इसकी चारों दिशाओं के पड़ोसी राज्य याद कीजिए, फिर 4 मंडल और उसके बाद हर मंडल के जिले। इस क्रम से पढ़ने पर 31 जिले भी बोझ नहीं लगते। नए नामों पर खास ध्यान दें, क्योंकि बेंगलुरु दक्षिण, विजयनगर और 2014 में बदले शहरों के नाम हाल की परीक्षाओं में पूछे जा रहे हैं।

दूसरे राज्यों के नक्शे भी इसी तरह पढ़ना चाहते हैं तो हमारा मानचित्र संग्रह (Maps) पेज देखें। आपको अगला नक्शा किस राज्य का चाहिए, नीचे कमेंट में ज़रूर लिखें। नए नोट्स और PDF सबसे पहले पाने के लिए हमारे Telegram Channel से जुड़ सकते हैं।

कर्नाटक के नक्शे से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

कर्नाटक कहाँ है?

कर्नाटक भारत के दक्षिण-पश्चिमी भाग में अरब सागर के तट पर स्थित राज्य है। इसके उत्तर में महाराष्ट्र और गोवा, पूर्व में तेलंगाना और आंध्र प्रदेश तथा दक्षिण में तमिलनाडु और केरल हैं।

कर्नाटक किस राज्य में है?

कर्नाटक किसी दूसरे राज्य का हिस्सा नहीं है, बल्कि खुद भारत का एक पूर्ण राज्य है। यह दक्षिण भारत में स्थित है और इसकी राजधानी बेंगलुरु है।

2026 में कर्नाटक में कितने जिले हैं?

2026 में कर्नाटक में 31 जिले हैं। ये जिले 4 प्रशासनिक मंडलों में बँटे हुए हैं।

कर्नाटक का सबसे नया जिला कौन-सा है?

विजयनगर कर्नाटक का सबसे नया यानी 31वाँ जिला है। इसे 2021 में बल्लारी जिले से अलग करके बनाया गया और इसका मुख्यालय होसपेटे है।

रामनगर जिले का नया नाम क्या है?

रामनगर जिले का नया नाम बेंगलुरु दक्षिण है। कर्नाटक सरकार ने मई 2025 में इसकी अधिसूचना जारी की थी। जिले का मुख्यालय अब भी रामनगर शहर ही है।

कर्नाटक की सीमा किन राज्यों से लगती है?

कर्नाटक की सीमा छह राज्यों से लगती है: महाराष्ट्र, गोवा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल। पश्चिम में इसकी सीमा अरब सागर बनाता है।

कर्नाटक का सबसे बड़ा और सबसे छोटा जिला कौन-सा है?

क्षेत्रफल में सबसे बड़ा जिला बेलगावी (लगभग 13,433 वर्ग किमी) और सबसे छोटा जिला बेंगलुरु शहरी (लगभग 2,190 वर्ग किमी) है।

कर्नाटक का पुराना नाम क्या था और इसका अर्थ क्या है?

कर्नाटक का पुराना नाम मैसूर राज्य था, जिसे 1 नवंबर 1973 को बदला गया। “कर्नाटक” शब्द कन्नड़ के “करु” (ऊँचा) और “नाडु” (भूमि) से बना माना जाता है, जिसका अर्थ है “ऊँची भूमि”।

Nitin Tiwari
✍️ लेखक

Nitin Tiwari

नितिन तिवारी GKGSNotes.com के संस्थापक और मुख्य लेखक हैं। उन्होंने गणित में B.Sc. और भूगोल में M.A. की डिग्री प्राप्त की है तथा D.El.Ed (2017 बैच) भी किया है। इसके अलावा उन्हें 5 वर्षों का शिक्षण अनुभव भी है, जिससे वे छात्रों की जरूरतों और परीक्षा की चुनौतियों को गहराई से समझते हैं। उत्तर प्रदेश से संबंध रखने वाले नितिन जी को भूगोल, इतिहास और सामान्य ज्ञान विषयों में गहरी रुचि है। उनका लक्ष्य है कि हिंदी माध्यम के छात्रों को UPSC, UPPSC, SSC, UP Police जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उच्च गुणवत्ता की अध्ययन सामग्री बिल्कुल निःशुल्क मिले।

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